सरकारी रेट पर मजदूरी की मांग को लेकर शनिवार को मजदूर मर मिटने को तैयार हो गए। प्रशासन को अल्टीमेटम दिए जाने के बावजूद जब सुनवाई नहीं हुई तो एक मजदूर आत्महत्या के लिए कार्यालय की छत पर चढ़ गया। जिसे पुलिसकर्मियों ने काबू करके नीचे उतारा। तनाव इतना बढ़ गया कि महिला मजदूर जबरदस्ती कार्यालय में प्रवेश करने लगीं। महिला पुलिसकर्मी न होने पर मुलाजिमों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें रोका। मजदूर गिरफ्तारियां देने पर अड़ गए। हाई वोल्टेज हो चुके मामले के बाद शाम को समझौता हो गया। अब आढ़ती पचास किलोग्राम बैग के सात रुपये मजदूरों को अदा करेंगे। जिसमें गेहूं की उतराई, झराई, पंखा से झराई, कंडा चढ़ाई और उतराई शामिल हैं।
बार-बार बैठकों के बावजूद मजदूरी पर समझौता न होने के चलते शनिवार को मजदूरों के प्रदर्शन ने उग्र रूप ले गया। आक्रोशित मजदूर अनाज मंडी के मुख्य द्वार के बीचों-बीच बैठ गए। न तो किसी को बाहर जाने दिया और न ही भीतर आने दिया। अनाज मंडी में सरसों की बोली बंद न होने की सूरत में पैदा होने वाली परिस्थितियों को लेकर मार्केट कमेटी सचिव को जिम्मेदार ठहराते हुए दोपहर बाद 12 बजे का अल्टीमेटम दिया। मजदूरों ने दोपहर बाद एक बजे मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव कर लिया। महिला मजदूर भी आ डटीं। माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आक्रोशित हुई महिला मजदूरों ने जबरदस्ती कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। इस बीच मजदूर मनसा राम कार्यालय की छत पर कूदने के लिए चढ़ गया। मजदूरों ने पुलिसकर्मियों की मदद से उसे पकड़कर नीचे उतारा। तहसीलदार नौरंग दास, नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र मौका पर पहुंचे। उनकी उपस्थिति में हरियाणा मंडी मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल कायत, कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान टेकचंद छाबड़ा, अजनीश कैनेडी, इंद्रप्रीत मोंगा, गौरव मोंगा, प्रवीण सिंगला, भिंदा, संदीप सचदेवा ने बैठक की। जिसमें मजदूरी पर सहमति बन गई। पिछले सीजन से इस बार मजदूरों को 50 किलोग्राम बैग पर एक रुपये ज्यादा मिलेगा। पिछली दफा रेट छह रुपये प्रति बैग था। इसके साथ यह भी तय हुआ कि अगर मार्केटिंग बोर्ड मजदूरी की दरों में वृद्धि करता है, तो उस अनुसार आढ़ती भुगतान करेंगे। समझौता होने के बाद मजदूर हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट गए।