चंबा। पर्यटन स्थल खज्जियार में पर्यटकों के साथ मौत का खेल खेला जा रहा है। भारी भरकम रकम लेकर पर्यटकों को पुराने और सुरक्षा उपकरण रहित पैराग्लाइडरों पर सैकड़ों फुट ऊपर उड़ाया जा रहा है। हैरत अंगेज यह है कि सब कुछ पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की नाक तले हो रहा है। ऐसे में कोई बड़ा हादसा होने की बात पर ये तीनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
पर्यटन विभाग और सरकार ने जिला कांगड़ा के बीड़ विलिंग में विदेशों के माहिर और अत्याधुनिक यंत्रों से लैस पैराग्लाइडिंग पायलटों के लिए बिना इजाजत के पैराग्लाइडिंग पर रोक लगा रखी है। वहीं खज्जियार में सेकेंड हैंड पैराग्लाइडरों के जरिये तीन हजार रुपये के लालच में पर्यटकों की जान जोखिम में डाली जा रही है। जीपीआरएस तो दूर की बात सैकड़ों फुट की उड़ान में पायलट और पर्यटक दोनों के सिर पर हेलमेट तक नहीं होता है। इस तरह प्रशासन और विभाग की भारी चूक से मौत का खेल जारी है। झील के किनारों पर भी छोटे-छोटे बच्चों को बिना हेलमेट के पैराग्लाइडर से बांध दस फुट तक ऊपर उड़ाया जा रहा है। एक साथ कई पैराग्लाइडर उड़ने के कारण यहां भी अनहोनी की आशंका बनी हुई है। वाइल्ड लाइफ एरिया में इस तरह की गतिविधियां चलाना भी मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। रविवार को चल रहे इस मौत के खेल के संबंध में पूछे जाने पर जिला पर्यटन अधिकारी भुवनेश्वरी वोहरा ने छुट्टी पर होने की बात कह कर आफिशियल टाइम में बात करने को कहा।
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एफआईआर तो करवा दी है: मेहरा
डीएफओ वाइल्ड लाइफ सुरजीत मेहरा ने कहा कि खज्जियार में पैराग्लाइडिंग की इजाजत नहीं है। पिछले दिनों मामला सामने आने पर एफआईआर दर्ज करवा दी थी। उन्होंने कहा कि विभाग बार-बार पुलिस के पास नहीं जाता रहेगा, ला एंड आर्डर कंट्रोल करना पुलिस का फर्ज है।
हादसा हुआ तो जिम्मेवार अधिकारी नपेंगे: एसपी
एसपी कुलदीप शर्मा ने कहा कि तीन माह पहले विभाग की ओर से शिकायत आई थी। इस पर पुलिस ने छानबीन की थी। यह सब कुछ प्रोट्रेक्टिड एरिया में चल रहा है। संबंधित विभाग की जिम्मेवारी है कि गैरकानूनी गतिविधि की सूचना पुलिस को तुरंत दें और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़वाएं। उन्होंने कहा कि अगर कोई हादसा हुआ तो विभाग के जिम्मेवार अफसरों पर भी लापरवाही का मामला बनेगा।