उदयपुर (चंबा)। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से बारिश न होने के कारण गेहूं की बिजाई का काम रुक गया है। किसान बारिश के लिए आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं, लेकिन बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस कारण किसानों ने बारिश के लिए इंद्र देवता को मनाना शुरू कर दिया है।
ग्रामीण बारिश के लिए देवी-देवताओं की शरण में पहुंच गए हैं। स्थानीय मंदिरों में देवताओं को मनाने का क्रम जारी हो गया है। किसान बुधिया राम, जलो राम, भिंद्र कुमार, पवन कु मार, मनोज, होशियारा राम, किशन चंद, जर्मो राम, मखौली राम, अशोक, संजय, जितेंद्र, विजय, दिनेश और अनु का कहना है कि गेहूं और सरसों की फसल की बीजाई का समय बीतता जा रहा है। बारिश न होने से इन फसलों की बिजाई में काफी दिक्कत आ रही है। लंबे समय तक बारिश का इंतजार करते-करते वे थक गए हैं। अब बारिश के लिए वह स्थानीय मंदिरों में पूजा-अर्चना कर देवताओं से बारिश की अरदास कर रहे हैैं। शीघ्र बारिश नहीं हुई तो गेहूं और सरसों की बीजाई का समय निकल जाएगा और उनके लिए रोटी के भी लाले पड़ जाएंगे। गौर रहे कि गेहूं और मक्की इस सीजन की यहां की मुख्य फसलें हैं। यहां के लोग गेहूं और मक्की पर पूरी तरह से आश्रित होते हैं। अगर इन फसलों की अच्छी पैदावार हो तो लोगों का साल भर का गुजारा हो जाता है। बहरहाल, बारिश न होने के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं।