चंबा। वन विभाग ने जिले के पहाड़ों में बर्फबारी के बाद नीचे आ रहे जंगली जानवरों के शिकार पर रोक लगाने के लिए टीमों का गठन किया है। इसके तहत ये टीमें अपने-अपने क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा जंगली जानवरों के शिकार करने पर नजर रखेंगी और सूचनाएं एकत्रित करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी। सर्दियां शुरू होते ही जिले के पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण कई जंगली जानवर नीचे की ओर चले आते हैं। इनके आते ही स्थानीय लोग व शिकारी उन पर टूट पड़ते हैं। इस कारण कई जानवरों के लुप्त होने का खतरा पैदा हो गया है। यह शिकार हर साल किया जाता है, मगर अभी तक किसी को कानूनी शिकंजे में नहीं कसा जा सका है। इससे शिकार करने वालों के हौसले बुलंद हैं और जंगली जानवर धड़ाधड़ मारे जा रहे हैं। खासकर तीसा, किहार, होली, भरमौर, जुम्हार और साहो क्षेत्र सहित जिले के ऊपरी इलाकों में जंगली जानवरों को बेरहमी से मारा जाता है। हालांकि विभाग हर बार शिकार रोकने के प्रयासों का दावा करता है, मगर दुर्गम क्षेत्रों में होने वाले शिकार का पता तक नहीं चल पाता।
उधर, मुख्य अरण्यपाल एआरएम रेड्डी ने अधिसूचना जारी करते हुए जिला चंबा के फारेस्ट सर्कल, डिवीजन व रेंज स्तर पर जानवरों के शिकार पर कड़ी नजर रखने को मानीटरिंग टीमें गठित की हैं। इसके तहत सर्कल लेवल पर डीएफओ हैडक्वार्टर कृपा शंकर, सीनियर फारेस्ट गार्ड भीम राज सहित शांता देवी को जिम्मा सौंपा गया है। इनके संपर्क नंबर 94181-66705 व 01899-222237 भी जारी किए गए हैं। वहीं डिवीजन लेवल पर एसीएफ, बीओ स्पेशल ड्यूटी चंबा को जिम्मा सौंपा गया है। इसके तहत चंबा का संपर्क नंबर 222239, चुराह का 233245, डलहौजी का 240616, भरमौर का 225046 व पांगी का 222247 जारी किया गया है। इन नंबरों पर अवैध शिकार या घायल जंगली जानवर के बारे में सूचना दी जा सकती है।