क्षेत्र के बैरागढ़ में एक हफ्ते से पेयजल सप्लाई न आने से खफा ग्रामीणों ने रविवार को खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि एक हफ्ते से पानी नहीं आ रहा है और विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है।
इससे गांव में रहने वाले 100 परिवार पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। वर्तमान में ग्रामीण दो किलोमीटर दूर सतनाला से पानी ला रहे हैं। नाले का पानी पीने से बीमारियों के फैलने की भी आशंका बनी हुई है।
बैरागढ़ गांव को पेयजल सप्लाई दो किलोमीटर दूर रानी कोट से दी गई है। गांव को पेयजल सप्लाई पहुंचाने के लिए जो पाइपें बिछाई गई हैं, वे काफी पुरानी हो चुकी हैं। कई पाइपें क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
इनके स्थान पर विभाग ने रबड़ की पाइपें डाली हैं, वह भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ग्रामीणों में करतार सिंह, लोभी राम, मोहन लाल, संजीव कुमार, अंबिया राम, रीता देवी, रेखा, सरिता और मान सिंह ने बताया कि बैरागढ़ गांव में सात दिनों से पेयजल सप्लाई बंद पड़ी है।
इसके कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गांववासी पीने के लिए पानी दो किमी दूर नाले से ढो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव में बंद पड़ी पेयजल सप्लाई के बारे में कई बार विभागीय कर्मचारी को बताया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने जिला प्रशासन और विभाग से मांग की है कि बैरागढ़ गांव की बंद पड़ी पेयजल सप्लाई को जल्द बहाल किया जाए। सहायक अभियंता भानू प्रताप ने बताया कि मेरे ध्यान में समस्या लाई गई है। जल्द ही संबंधित कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेज कर गांव की बंद पड़ी पेयजल सप्लाई को बहाल करवाया जाएगा।