चौहड़ा बांध के पास हुए बस हादसे ने कई घरों ने चिराग बुझा दिए हैं। इस हादसे में 17 लोग अपनी जान गवां बैठे जबकि अभी भी कई गंभीर हालत में हैं। शनिवार व रविवार की छुट्टी होने के कारण इस बस में सरकारी कर्मचारी घरों को लौट रहे थे। वहीं पंजाब के दो व्यक्ति भी इस बस हादसे का शिकार हुए जो रोजी-रोटी की तलाश में यहां आये हुए थे। बनीखेत निवासी 26 वर्षीय पूजा शर्मा जो कि भलई में स्कूल में अध्यापिका थी भी इस बस हादसे में चल बसी। पूजा रोजाना की तरह ड्यूटी से वापस आ रही थी।
पूजा की शादी को अभी तीन वर्ष ही हुए थे। बनीखेत में उनके घर मातम पसरा हुआ है। वहीं ककीरा के 42 वर्षीय अनुराग वशिष्ठ भी इस बस हादसे का शिकार हुए। अनुराग हॉट्रीकल्चर विभाग में डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर तैनात थे। वह सलूणी से घर वापस आ रहे थे। उन्होंने बनीखेत में दोस्त राजेश से शाम को बनीखेत में मिलने की बात कही थी, लेकिन वह जिंदा वापस बनीखेत नहीं लौट सके।
इस बस हादसे की खबर सुनकर हर कोई अपनों की तलाश में लगा रहा। मौके पर सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। समय पर उपचार न मिलने से कई दम तोड़ गए। बाथरी अस्पताल में भी तड़पते मरीजों को एंबुलेंस नसीब न हो पा रही थी। वहीं, स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्थानीय विधायक आशा कुमारी भी हादसे की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची व राहत कार्य में डटी रही। आशा कुमारी खुद हादसे में शिकार हुए लोगों के शवों को अपने हाथों से स्ट्रेचर पर रखते देखी गई। बाथरी अस्पताल में भी आशा कुमारी देर तक डटी रही।