कुल्लू। सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण रोहतांग टनल के निर्माण में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। टनल में पानी के रिसाव के बाद अब मजदूरों ने टनल निर्माण के कार्य में ब्रेक लगा ली है। मांगों को लेकर मजदूर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे टनल निर्माण के कार्य में बाधा उत्पन्न हो गई है। सीटू से संबंधित रोहतांग टनल वर्कर यूनियन ने एक मई से यहां हड़ताल कर दी है। सीटू का आरोप है कि टनल में काम कर रहे ड्राइवर के साथ एक कंपनी के अधिकारी ने मारपीट की है। अब उस ड्राइवर को कंपनी काम से निकाल रही है। निर्दोष मजदूर को काम से निकालना गले से नहीं उतर रहा। इसी वजह से टनल निर्माण कार्य को रोका गया है। यूनियन के प्रधान देशराज, महासचिव हीरा लाल ने कहा कि ड्राइवर को काम पर रखने का लिखित समझौता जब तक कंपनी नहीं करेगी, तब तक तमाम मजदूर हड़ताल पर रहेंगे। यूनियन ने प्रशासन से भी मांग की है कि वहां पर कार्यरत कंपनी को मजदूरों पर ज्यादती करने से रोका जाए। यूनियन ने फैसला लिया है कि यदि कंपनी उनकी मांग को नहीं मानेगी तो मनाली में चक्का जाम किया जाएगा। सीटू के महासचिव भूप सिंह भंडारी ने कहा कि यूनियन के आंदोलन में सीटू जिला कमेटी रोहतांग टनल के तमाम मजदूरों के साथ है। जरूरत पड़ी तो उक्त मजदूर को काम से निकालने के खिलाफ जिले की सभी परियोजनाओं में हड़ताल की जाएगी।
रोहतांग टनल परियोजना के चीफ इंजीनियर पीके महाजन ने कहा कि इसके बारे में स्थानीय प्रशासन और पुलिस को अवगत करवा दिया गया है। देशहित के इस कार्य में बाधा उत्पन्न करना उचित नहीं है। जल्द ही कोई समाधान निकल जाएगा।