मनाली। प्रीणी के राम मंदिर में चल रहे राम चरित मानस के चौथे दिन भगवान राम के दर्शन का व्याख्यान किया गया। व्यास श्री श्री 108 स्वामी राम मोहन दास ने कहा कि भगवान राम के बाल रूप के दर्शन करने स्वयं भगवान शिव आते हैं। भगवान राम के दर्शन के लिए भगवान शिव ब्राह्म्ण का रूप धारण कर अवध राजमहल में आते हैं। जब उनका मन नहीं भरता तो वह दूसरी बार फिर से राम दर्शन को पहुंचते हैं। जैसे-जैसे चाराें भाई बडे़ होते हैं तो राजा दशरथ चारों भाइयों के यज्ञोपवीत संस्कार वशिष्ठ ऋषि से करवाते हैं। इसके बाद चारों पुत्र शिक्षा-दीक्षा के लिए गुरु वशिष्ठ के आश्रम जाते हैं। पुत्रों को आश्रम में जाते देख तीनों महारानियां दुखी होती हैं। भगवान राम के कुल पुरोहित हेमराज शर्मा डिमणु ने बताया कि प्रीणी में हर रोज पांच ब्राह्मणों विष्णु सहस्त्र नाम, शिव रुद्री, हनुमान, राम, गायत्री गणेश का जाप कर हवन करते हैं। कहा कि इस धार्मिक कार्य को कृष्ण शर्मा डिमणु, ओम प्रकाश शर्मा, नितिन शर्मा मजराईं और अमित शर्मा अमलीजामा पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही विश्व शांति और सुख पाठ भी किया जाता है। जाप के बाद हर रोज हवन भी होता है।
देवताओं की मौजूदगी से माहौल भक्तिमय
देवता फाहली नाग और राम चंद्र के कारदार नरेश ठाकुर ने बताया कि यज्ञ में शिरघन नाग, देवी गायत्री, कार्तिक स्वामी, माता पार्वती, शावर्णी, महार्षि जमदग्नि, पराशर ऋषि और सृष्टि नारायण रथ सहित पधारे हैं। हर रोज कथा सुनने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। रोज भंडारे का भी आयोजन किया जाता है।