पतलीकूहल (कुल्लू)। फोजल घाटी के अतिदुर्गम कुकड़ी गांव में एक चार मंजिला मकान जलकर राख हो गया। अचानक सुलगी चिंगारी घर में रखे घासफूस के संपर्क में आते ही विकराल लपटों में बदल गई। आग की गगनचुंबी लपटों ने ही देखते ही देखते स्थानीय चंदेराम के काष्ठकुणी शैली के चार मंजिला मकान को राख के ढेर में बदल दिया। खबर लिखे जाने तक आग बुझाने के प्रयास जारी थे। एक अन्य मकान भी आग की चपेट में आ गया था।
आग इतनी तेज थी कि चंदेराम के परिवार को कपडे़-गहने तक बचाने का वक्त नहीं मिला। प्रधान कालूराम के मुताबिक आड़े वक्त के लिए रखे चार लाख रुपये के नोट भी चंदेराम की आंखों के सामने जल गए। गांव में इक्का दुक्का नल होने के कारण आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया। लिहाजा चंदेराम नम आंखें से परिवार सहित अपने सपनों के घर को जलते हुए देखने के सिवाय कुछ नहीं कर सका। वहीं गांव में सड़क न होने के कारण दमकल वाहन भी सात किलोमीटर पीछे ही ठहर गया। विभाग के फायर फाइटर पैदल ही मौके पर पहुंचे। इस बीच साथ लगता दासुराम का मकान भी आग की लपटों से घिर गया। खबर लिखे जाने तक गांव को अग्निकांड की भेंट चढ़ने से बचाने के लिए साथ लगते मकान की छत और दीवारों को गिराने का प्रयास जारी था। दमकल अधिकारी सेसराम ने बताया कि आग से लाखें का नुकसान हुआ है। एएसपी संदीप धवल ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर भेज दी है। विधायक गोविंद ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और फौरी राहत देने को कहा है।