कुल्लू। सरहद की माटी को माथे पर लगाने की खुशी उनके चेहरे पर झलक रही है। सीने में जोश वैसा ही जैसा वो सरहद पर तैनात सैनिकों में देखकर लौटे हैं। कुछ ऐसा ही एहसास हुआ फोरम आफ इंटिग्रेडिट नेशनल सिक्योरिटी (फिनस) के अभियान के तहत सरहद को प्रणाम करके लौटे युवाओं को देखकर। युवाओं का कुल्लू लौटने पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी, हिंदू जागरण मंच, स्वदेशी जागरण मंच, बजरंग दल और अन्य संस्थाओं के सदस्यों ने शानदार स्वागत किया।
ढालपुर चौक पर आयोजित स्वागत समारोह में राज्य संयोजक वेद प्रकाश ने बताया कि सीमा पर प्रतिकूल परिस्थितियों में रहने वाले सैनिक और वहां के लोगों के बारे में जानना प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी है। इस कार्यक्रम के तहत देश की सीमाओं पर जाकर हजारों युवाओं ने सरहद की माटी को माथे पर लगाकर नमन किया। कुल्लू जिला के तेरह युवाओं ने इस अभियान में भाग लिया।
युवाओं ने राजस्थान के जिला बाड़मेर में भारत-पाक सीमा पर चौहटन, नवातला, केलनोर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की संस्कृति और समस्याओं बारे जानकारी हासिल की। युवाओं ने सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत भी की। बुधवार को बाड़मेर से लौटे इन युवाओं का कुल्लू में नागरिक अभिनंदन किया गया। समारोह में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोरचा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवराज बौद्ध, प्रदेश भाजपा विधि प्रकोष्ठ के सह संयोजक एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ठाकुर, जिला भाजपा महामंत्री भीमसेन शर्मा, बजरंग दल के गोपाल वधवा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, इसके सभी अग्रणी संगठनों, विद्या भारती, अधिवक्ता परिषद, राष्ट्रीय सेविका समिति और शहर की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।