भलयाणी (कुल्लू)। जिला में बर्फबारी बागवानों पर कहर बन कर बरपी है। कुछ दिन पूर्व मौसम के बिगड़े मिजाज ने सेब के बागानों को तहस नहस कर दिया है। बागवानी विभाग के अनुसार बागवानों को बर्फबारी से एक करोड़ का नुकसान हुआ है। कहीं सेब के पौधे जड़ से ही उखड़ गए हैं, तो कहीं पौध भारी बर्फ का बोझ सहन नहीं कर पाने की वजह से कई हिस्सों टूट गए हैं। बागवानी विभाग के जिला उपनिदेशक ने इसकी पुष्टि की है। जिला में हुई बर्फबारी ने ऊंचाई वाले सेब के बागों में लगी पौध को तोड़-मरोड़ कर नष्ट कर दिया है। पौध नष्ट होने से क्षेत्र के बागवान परेशान हैं। बागवानी विभाग के अनुसार इसका असर इस बार आने वाली सेब की फसल पर भी पड़ेगा। अधिकतर नुकसान ऊझी घाटी खराहल, मणिकर्ण, लगघाटी और आनी क्षेत्र के ऊंचे सेब के बगीचों को पहुंचा है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक वीएस राणा ने बताया कि विभाग को मिली रिपोर्ट के मुताबिक जिला भर में 1.03 करोड़ की क्षति हुई है। उन्होंने बताया कि जनवरी और फरवरी माह में हुए हिमपात से घाटी में लगभग 15 प्रतिशत सेब की पौध को नुकसान पहुंचा है। लगघाटी के भल्याणी निवासी प्रगतिशील बागवान किरपा राम पुजारी ने बताया कि उनके सेब के बगीचे में 30 पौधे बर्फबारी से पूरी तरह नष्ठ होकर जमीन पर गिर गए हैं। खराहल घाटी के बागवान युव राज बौद्ध ने कहा कि बिजली महादेव स्थित उनके सेब के बगीचे में 15 पेड़ बर्फ का बोझ सहन नहीं कर पाने से दो फाड़ हो गए हैं। वहीं 20 पेड़ जमीन पर गिरने से धराशायी हो गए हैं। ऊ झी घाटी के बागवान गोपाल नेगी, मणिकर्ण घाटी के जगमोहन ठाकुर आनी में करशाला के बागवान जगदीश ठाकुर, भाग चंद, बनाला के कमल ठाकुर, रमेश चंद तथा फनौटी के बहादुर सिंह ने बताया कि उनके सेब की पौधों की टहनियां बर्फ का भार सहन न कर पाने के कारण टूट कर जमीन पर गिर गई हैं। फल फूलों की घाटी कुल्लू में मौसम का मिजाज सेब के बगीचों पर भारी पड़ा है, बागवानों में सरकार और विभाग से मुआवजा मुहैया करवाने की मांग की है। उधर, उद्यान विभाग के जिला उपनिदेशक बीएस राणा ने कहा के उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर शिमला भेज दी है । विभाग इस बारे गंभीरता से विचार विमर्श कर रहा है। विभाग ऐसे बागवानों को सहायता के लिए पौध व स्प्रे ऑयल वितरित करवाने पर गौर रहा है।