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गुजरात में फंसे एलपीएस के 1.20 करोड़

Kullu Updated Sat, 09 Mar 2013 05:32 AM IST
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उदयपुर। लाहौल पोटैटो सोसाइटी (एलपीएस) के एक करोड़ बीस लाख रुपये गुजरात के व्यापारियों के पास फंस गए हैं। सबसे बड़ी सोसाइटियों में शुमार एलपीएस ने करीब एक दशक पूर्व गुजरात के व्यापारियों और किसानों की मांग पर टनों के हिसाब से आलू बीज की आपूर्ति की थी। लेकिन अभी तक एक करोड़ 20 लाख रुपयों का भुगतान एलपीएस को नहीं हो पाया है।
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इस दबाव से सोसाइटी अभी तक घाटे से नहीं उभर पाई है। हालांकि शुुरुआती दौर में करीब तीन करोड़ की राशि अटकी पड़ी थी। इसमें से एलपीएस ने जैसे-तैसे पौने दो करोड़ से अधिक राशि वसूल कर ली थी लेकिन अभी भी एक करोड़ 20 लाख रुपये बकाया पड़ा है।
बकाया राशि की अदायगी के लिए सोसाइटी समय-समय पर गुजरात के किसानों और व्यापारियों को बकाया रकम भुगतान बारे नोटिस जारी करती आई है। अब बकाया राशि के भुगतान को लेकर लाहौल घाटी के किसान गुजरात सरकार के समक्ष यह मांग उठाएंगे। लाहौल घाटी के किसानों की आर्थिकी का जरिया इन्हीं फसलों पर टिका है। लेकिन एलपीएस की तंगहाली के चलते किसान बैकफुट पर आ गए हैं। कुछ किसानों ने लंबे समय से अपनी ही सोसाइटी एलपीएस को आलू भेजना बंद कर दिया है।
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दशकों पूर्व गुजरात में आए भूकंप के समय से यह राशि गुजरात के दर्जनों से व्यापारियों के पास फंसी हुई है। एलपीएस के चेयरमैन चेतन आजाद ने बताया कि गुजरात से अभी लेने देन का सिलसिला जारी है। एक करोड़ 20 लाख की राशि लेना बाकी है। सोसायटी इस राशि को पाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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