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कुंजुम बहाली के लिए लंबा हुआ इंतजार

Kullu Updated Thu, 27 Mar 2014 05:32 AM IST
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कोकसर (लाहौल-स्पीति)। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले स्पीति घाटी के बीच पड़ने वाले कुंजुम दर्रे की बहाली के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। लाहौल की ओर से सीमा सड़क संगठन के जवान अभी कोकसर भी नहीं पहुंच पाए हैं। इसके बाद ही 94 आरसीसी ग्रांफू से काजा के बीच बर्फ हटाने का काम शुरू करेगा। दूसरी ओर काजा-ग्रांफू मार्ग की बहाली में जुटे बीआरओ ने काजा की ओर से महज 14 किलोमीटर सड़क से ही बर्फ को हटाया है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है है कि 145 किलोमीटर काजा-ग्रांफू मार्ग की बहाली में कितना समय लगेगा। स्पीतिवासियों का कहना कि बीआरओ कछुआ चाल से बर्फ हटाने का काम कर रहा है, जिसके चलते मार्ग बहाली में देरी हो रही है। स्पीति के जिला परिषद अध्यक्ष तंजिन छोंजोम, रंगरीक से पलजोर बौद्ध, उपप्रधान काजा पंचायत नोरबू बौद्ध, लोसर पंचायत के पूर्व प्रधान सोनम बौद्ध, वर्तमान पंचायत उपप्रधान टशी रिगजिन, हल पंचायत के प्रधान कोंचोग डोलमा ने बताया कि काजा से लोसर की दूरी 56 किलोमीटर है। लेकिन, बीआरओ अभी तक इस मार्ग को महज 14 किलोमीटर खुरिग तक ही बहाल कर पाया है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग अमूमन 31 मार्च तक यातायात के लिए बहाल कर दिया जाता रहा है, लेकिन इस बार बीआरओ धीमी गति से बर्फ हटाने में लगा है। लोसर पंचायत के पूर्व प्रधान चंगचुग गेलाग ने बताया कि इस सर्दी में लोसर हेलीपैड के लिए एक ही उड़ान हो पाई है। यहां लोगों को बीमार होने पर मुसीबतों के दौर से गुजरना पड़ता है। गेलाग ने बताया कि लोसर-काजा मार्ग जल्द बहाल होने से बीमार लोगों को काजा तक सड़क से भी पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन तथा सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों से काजा-ग्रांफू मार्ग जल्द बहाल किए जाने की मांग की है। उधर, समदो में तैनात 94 आरसीसी के कमांडिंग अफसर आरएस पटारिया ने बताया कि बर्फबारी से पूर्व बीआरओ के जवान रंगरीक गांव से बीस किलोमीटर आगे बढ़ गए थे, लेकिन दोबारा हुए बर्फबारी ने उन्हें बैकफुट पर धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि बीआरओ बर्फ हटाओ अभियान में जुटा है।
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