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सर्वे कई बार किया, सड़क नहीं बनी

Kullu Updated Fri, 25 Apr 2014 05:30 AM IST
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खराहल (कुल्लू)। खराहल घाटी की काइस पंचायत के आधा दर्जन गांव आजादी के 67 वर्ष के बाद भी सड़क से वंचित हैं। सरकारी उदासीनता के कारण आज तक इन गांवों में सड़क नहीं पहुंची है। ऐसे में ग्रामीण तमाम राजनीतिक दलों से खफा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान सभी दल सड़क पहुंचाने का वायदा करते हैं, लेकिन बाद में कोई भी नेता इस ओर गंभीरता से पहल नहीं करता है। आधा दर्जन गांवों की करीब एक हजार से अधिक आबादी सड़क सुविधा से वंचित है। आलम यह कि पंचायत के धारा, तांदला, गौठ, कोठ, गुमर, शरण और उखलाआगे आदि दुर्गम गांवों को सड़क के लिए लोनिवि सर्वे तो बार-बार करता है, लेकिन योजना को आज तक अमल में नहीं लाया जा सका। पंचायत के गांवाें तक सड़क सहूलियत मुहैया नहीं होने से लोगों को दैनिक उपयोग का सामान पीठ पर उठाकर गांवों तक पहुंचाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे अधिक मुश्किल किसी के बीमार होने पर हो जाती है और इन दुर्गम इलाकों से बीमार होने पर मरीज को गंभीर हालत में मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए चारपाई पर उठाकर लाना पड़ता है। यही नहीं, किसानों और बागवानों को अपने उत्पाद को सड़क तक पहुंचाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। काइस पंचायत के उपप्रधान मोहर सिंह कहते हैं कि पंचायत के दुर्गम क्षेत्रों से बीमार होने की सूरत में मरीज को चारपाई पर उठाकर लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस बाबत कई मर्तबा पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित कर सरकार तथा प्रशासन को भेजा गया है, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिले हैं। क्षेत्र के वेदराम, आलम चंद, कर्म चंद, केशव राम, वार्ड पंच सुषमा, पंच योगराज आदि का कहना है कि सड़क नहीं बनने से लोगों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। मनाली विस क्षेत्र के विधायक गोविंद सिंह ठाकुर का कहना है कि इस समस्या पर प्राथमिक के आधार पर गंभीरता से गौर किया जाएगा। लोगों से सलाह मशवरा किया जाएगा और सड़क बनाने के लिए जो भी अड़चनें आ रही हैं, उनको दूर कर सड़क बनाने के लिए अथक प्रयास करेंगे।
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