कुल्लू। कारगिल युद्ध की सबसे महत्वपूर्ण चोटी टाइगर हिल पर कब्जा करने वाले जवान और उनके परिजन 4 जुलाई को ग्वालियर में नवाजे जाएंगे। टाइगर हिल बैटल ऑनर में हिमाचल के करीब दो दर्जन सैनिकों और उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। कारगिल युद्ध में 18 ग्रेनेडियर का नेतृत्व करने वाले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर भी समारोह में शामिल होने ग्वालियर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में तीन परमवीर चक्र मिले थे। इनमें दो हिमाचल के पालमपुर के कैप्टन विक्रम बत्रा और बिलासपुर के हवलदार संजय शर्मा को मिले थे। 18 ग्रेनेडियर के हवलदार योगेंद्र यादव को भी देश का सर्वोच्च सम्मान मिला था। युद्ध में 18 ग्रेनेडियर ने 52 वीरता पुरस्कार प्राप्त किए थे। टाइगर हिल पर सुंदरनगर के नरेश कुमार, सुन्नी (शिमला) के नरेश कुमार और शिमला के आनंद कुमार शहीद हुए थे। इन वीरों के परिजनों को भी ग्वालियर में नवाजा जाएगा। नूरपुर के कर्नल बहादुर सिंह पठानिया समेत करीब दो दर्जन वीरों को सम्मान दिया जाएगा। कारगिल में युद्ध सेवा मेडल हासिल करने वाले ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह ठाकुर ने बताया कि युद्ध में शहीद होने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल आर विश्वनाथन सबसे सर्वोच्च सेना अधिकारी थे। कारगिल युद्ध में करीब 17 हजार फीट ऊंची चोटी को फतह करना सबसे महत्वपूर्ण था। इस चोटी पर कब्जा करने के बाद वे श्रीनगर-लेह मार्ग से असलाह और बारूद ले जा सके। भारत के टाइगर हिल जीतते ही पाकिस्तान ने भी सीज फायर घोषित कर दिया था।