केलांग। जिला लाहौल स्पीति को विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाना है। यह बात डीसी लाहौल स्पीति हंसराज चौहान ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से आयोजित त्रिस्तरीय पंचायती राज
संस्थानों के जनप्रतिनिधियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने पंचायतीराज संस्थानों के जनप्रतिनिधियों को विकास मंत्र देते हुए कहा कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियां विषम हैं, जो हमारे लिए एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कड़ी मेहनत कर पंचायतों के माध्यम से सरकार की ओर से चलाई जा रहे विकासात्मक कार्यों को समय पर पूर्ण करने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास पंचायतों के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने सभी पंचायतीराज संस्थानों के जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि संपूर्ण उत्साह तथा नई ऊर्जा के साथ अपनी पंचायतों के विकास के लिए आगे आएं और पंचायतों का कायाकल्प करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें ग्रामसभा में वर्ष 2015 के लिए मनरेगा के अंतर्गत कार्य किए जाने वाले शैल्फ को पारित करें। डीसी ने जिला अधिकारियों तथा पंचायतीराज संस्थानों के जनप्रतिनिधियों से आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को आपसी तालमेल तथा पूर्ण सहयोग से कार्यान्वित करें। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी नागरिक लाहौल सुरजीत सिंह राठौर, उपमंडल अधिकारी नागरिक उदयपुर डॉ. अमित गुलेरिया तथा पंचायतीराज संस्थानों के सभी जन प्रतिनिधियों के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।