सैंज (कुल्लू)। पार्वती जल विद्युत परियोजना के निर्माण से प्रभावित बनाहू गांव के स्कूली बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए चलाए जा रही बस को नियमित रूप से न भेजने पर गांव के सैकड़ों लोगों ने बिहाली में परियोजना प्रबंधन के खिलाफ धरना दिया और नारेबाजी की। ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने स्कूली बच्चों के साथ परियोजना परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि बनाहू गांव तक जाने वाले सभी पैदल रास्ते परियोजना के निर्माण के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं और इन रास्तों को परियोजना प्रबंधन ने डेंजर जोन में भी डाल दिया है। गांव से स्कूल तक आने-जाने के लिए प्रबंधन ने सात सालों से एक वाहन का प्रावधान कर रखा है, लेकिन बीते चार माह से यह वाहन नियमित रूप से नहीं भेजा जा रहा है।
गांव से स्कूल जाने वाले दर्जनों बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है। स्थानीय पंचायत समिति सदस्य झाबेराम ठाकुर ने कहा कि एक किमी का पैदल रास्ता खतरनाक हो गया है। इस रास्ते में कई जगह भू-स्खलन होता है और पत्थर गिरते हैं। बच्चों को छह किमी का अतिरिक्त सफर तय कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पैदल रास्तों की हालत परियोजना के निर्माण से खराब हुई है। 2007 में प्रबंधन से तय हुए समझौते में गांव के बच्चों की नियमित वाहन सुविधा दिए जाने की बात कही गई है मगर अब प्रबंधक ना-नुकर कर रहा है।
वार्ड सदस्य विमला देवी, ग्रामीण निरत सिंह, रोशन लाल, राम सिंह, कुंदन लाल, गिरधारी लाल, मेहर चंद और यशपाल ने कहा कि नियमित रूप से वाहन न भेजने से बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर वाहन नियमित रूप से नहीं भेजा गया तो वे परियोजना का कार्य बंद कर देंगे। उधर, एनएचपीसी के महाप्रबंधक सीवी सिंह ने कहा कि वाहनों की कमी के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। जल्द समस्या हल किया जाएगा।