सैंज (कुल्लू)। पार्वती जल विद्युत परियोजना के चरण-2 में कार्यरत 160 मजदूरों को वेतन की एवज में दिए गए चेक बाउंस होने के बाद इसी परियोजना के चरण-3 में भी मजदूरों और ठेकेदारों को एक प्रतिष्ठित कंपनी की ओर से जारी किए गए चेक बाउंस हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक निर्माण कंपनी के पास मजदूरों और ठेकेदारों के करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये फंस गए हैं।
कंपनी के चेक बाउंस होने से मजदूरों में हड़कंप मच गया है और मजदूर संगठन सीटू ने आंदोलन की चेतावनी दी है। महत्वाकांक्षी पार्वती जल विद्युत परियोजना के तृतीय चरण के हेड रेस टनल, पावर हाउस और प्रेशर शाफ्ट का निर्माण कर चुकी इस कंपनी ने बिहाली में काम समेटने के बाद मजदूरों और ठेकेदारों को करीब सवा करोड़ रुपये के चैक सौंपे थे। इनमें से कुछ मजदूरों और ठेकेदारों ने जब बैंक में चैक कलेक्शन के लिए लगाए तो वे बाउंस हो गए। ठेकेदार द्वारिका गौतम, झाबेराम ठाकुर, एसके शर्मा, निरत सिंह और दिवान चंद ने बताया कि उन्होंने कंपनी के अधीन वर्ष 2006 से काम किया है। काम समाप्त होने के बाद बची शेष राशि की एवज में कंपनी ने उन्हें ये चेक जारी किए थे। उन्होंने कहा कि यह चेक बाउंस हो गए हैं। कंपनी निर्माणस्थल से समान समेट रही है और कंपनी के प्रबंधकों से संपर्क करने पर उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं। सभी मजदूरों और ठेकेदारों ने इस संबंध में परियोजना का निर्माण कर रही मुख्य कंपनी एनएचपीसी को सूचना दे दी है। पैसा न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा है कि वे कंपनी की साइट पर पडे़ सामान को शिफ्ट नहीं करने देंगे। बीते माह परियोजना के चरण-2 में 160 मजदूरों को दिए गए चेक बाउंस होने के बाद परियोजना क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। अब तृतीय चरण में भी मजदूरों और ठेकेदारों ने सख्ती से निपटने का ऐलान किया है। मजदूर संगठन सीटू की प्रदेश इकाई के सदस्य प्रेम गौतम और स्थानीय सचिव नेसर सिंह ने कहा कि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। उधर, एनएचपीसी के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने कहा कि हाल ही में यह मामला उनके संज्ञान में आया है। पूरी छानबीन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।