महादेव (मंडी)। सलवाणा पंचायत की वार्ड पंच को दो अलग जगहों पर उपस्थिति दर्शा कर पंचायत निधि को चूना लगाना महंगा पड़ गया है। पंच को सरकारी धन के दुरुपयोग करने के मामले पर उपायुक्त मंडी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके लिए उपायुक्त ने वार्ड पंच को पंद्रह दिन की मोहलत दी है। उपायुक्त ने कड़ी कार्रवाई अमल में लाते हुए सलवाणा पंचायत की पूर्व तथा वर्तमान वार्ड पंच निक्की देवी को पंचायत निधि के दुरुपयोग करने के आरोप में 14 मई को पत्र संख्या. पीसीएन-एमएनडी/2011-12- 3086-92 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर पाया गया कि सलवाणा पंचायत की पूर्व तथा वर्तमान वार्ड पंच ने विकास खंड सुंदरनगर की आंखों में धूल झोंक कर एक ही समय में अलग-अलग बैठक तथा मस्टरोल में उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन तथा पंचायत निधि पर हाथ साफ किया था। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 146 (संशोधित) के अधीन जांच को प्रभावित करने और पद पर बने रहने से जांच पर प्रतिकूल असर डालने तथा साक्ष्यों और दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका पर कार्रवाई अमल में लाई गई।
पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 145 (1 )(ग ) (2-क )तथा पंचायती राज सामान्य नियम 1947 के नियम 142 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपायुक्त देवेश कुमार ने निक्की देवी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें पंद्रह दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने की मोहलत दी है। वार्ड पंच के पंद्रह दिनों में अपना पक्ष प्रस्तुत न करने की सूरत में निलंबन की गाज गिरना लाजमी है।
इधर, पुष्टि करते हुए विकास खंड अधिकारी कार्यालय सुंदरनगर से एसबीपीओ बीआर ठाकुर ने बताया कि विभाग की ओर से इन्क्वायरी करते हुए शिकायत उपायुक्त मंडी को भेजी गई थी, जहां से वार्ड पंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।