सरकाघाट (मंडी)। उपमंडल सरकाघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार की अनदेखी भारी पड़ रही है। जनता केचुने हुए नुमाइंदे हर मंच से मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के दावे तो पेश कर रहे हैं। हकीकत कोसों दूर है। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र रिस्सा है पूरी पोल पट्टी खोल रहा है। इसका अपना भवन न होने से मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र को खुले हुए 25 वर्ष बीत गए हैं, लेकिन अभी तक केंद्र किराए के भवन में सेवाएं दे रहा है। वर्षों से यह केंद्र किराए के दो कमरों में चल रहा है। लोगाें की बार-बार गुहार के बावजूद इस स्वास्थ्य केंद्र को अपनी छत नसीब नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य केंद्र के एक कमरे में डाक्टर बैठता है जबकि दूसरे कमरे में अन्य स्टाफ के बैठने की व्यवस्था, दवा खाना और स्टोर चल रहा है। क्षेत्र निवासी रोशन लाल, आनंद प्रकाश, राम पाल, कृष्ण चंद, श्याम लाल, लेखराज, हरनाम सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र से पांच पंचायतों ब्रांग, रोपड़ी, चौरी, बडरेसा एवं छात्र की करीब दस हजार की आबादी स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रहण करती है। अस्पताल में बैठने की माकूल व्यवस्था न होने से बरसात, धूप, गर्मी और सर्दी लगभग हर मौसम में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। लोगों ने सरकार से स्वास्थ्य केंद्र को अपनी छत प्रदान करने की गुहार लगाई है। आयुर्वेदिक चिकित्सा निदेशक डा. पीसी ड्रेक का कहना है कि चरणबद्ध ढंग से भवनाें का निर्माण किया जा रहा है। शीघ्र ही रिस्सा में भी नव भवन निर्माण को मंजूरी प्रदान की जाएगी।