सरकाघाट (मंडी)। नागरिक अस्पताल सरकाघाट में चल रही चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी का मुद्दा आजकल विस चुनावों के मद्देनजर जोर शोर से उछल रहा है। यहां अस्पताल में गत विधानसभा चुनावों के समय डाक्टरों के 17 स्वीकृत पद भरे हुए थे। इनमें से 12 विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती की गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार के आते ही अपने राजनीतिक प्रभाव का लाभ उठाते हुए एक-एक करके विशेषज्ञ चिकित्सक अपना तबादला करवा कर यहां से चलते बने। आखिर में समूचे उपमंडल की ढाई लाख की आबादी कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाआें से महरूम हो गई। मौजूदा समय में यहां मात्र तीन विशेषज्ञ चिकित्सक ही सेवाएं दे रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला रोगी विशेषज्ञ, सर्जन, एनेस्थिसिया व ईएनटी आदि बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में गत चार वर्षों से क्षेत्रवासियों को उपचार के लिए जिला हमीरपुर और मंडी पहुंचना पड़ रहा है। यही नहीं, मौजूदा समय में उपमंडल के किसी भी अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। इससे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासी राम चंद, हरीराम, ज्ञान चंद, कल्याण चंद, रमेश चंद, सीमा देवी, राधा, कृष्णा, भावना, राजो व श्यामा देवी आदि का कहना है कि जब भी प्रत्याशी उनके पास वोट मांगने आएंगे तो उनसे डाक्टरों की कमी के बारे में जरूर पूछा जाएगा। पक्का आश्वासन मिलने पर ही वोट मिलेंगे। इस बारे में कांग्रेस प्रत्याशी रंगीला राम राव का कहना है कि उनके कार्यकाल में अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की संख्या 12 थी। महिला चिकित्सकों समेत सभी स्वीकृत 17 पद भरे हुए थे, लेकिन गत पांच वर्षों में डाक्टरों की नियुक्ति न करके भाजपा सरकार तथा विधायक ने क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया है। सत्ता में आने पर एक माह के भीतर सभी पद भरे जाएंगे। उधर, विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी कर्नल इंद्र सिंह का कहना है कि पूरे प्रदेश में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी चल रही है। दोनों मेडिकल कालेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीटें बढ़ाने से आगामी सत्र में सभी पद भर दिए जाएंगे।