मंडी। जिले के मंदिरों में बढ़ रही चोरी की वारदाताें और पुलिस महकमे द्वारा मंदिरों की सुरक्षा खुद करने की नसीहत देने से सर्व देवता समाज भड़क गया है। जिले में लगातार मंदिराें में हो रही चोरियाें से एक ओर जहां देव समाज के लोग आहत हैं, वहीं इस मामले में पुलिस की नाकामी और ऊपर से मंदिरों की सुरक्षा से पुलिस द्वारा खुद को अलग करना अपने आप में अहम सवाल है।
देव समाज का मानना है कि देवी-देवताओं की लाखाें-करोड़ों की संपत्ति की रक्षा अगर पुलिस नहीं कर पाती है तो क्या पुलिस का काम महज सड़कों पर चालान काटना है। देव समाज और देवता कमेटी अपने स्तर पर मंदिरों और देवी-देवताओं की संपत्ति की रक्षा के इंतजाम खुद करते हैं। बावजूद इसके चोर कई बार आस्था के इन केंद्रों में सेंध लगाकर लाखों के गहने और नकदी पर हाथ साफ कर लेते हैं। यही नहीं पुरातन संस्कृति एवं वास्तु शिल्प की अनूठी कारीगरी की मिशाल मूर्तियों की चोरी भी आए दिन मूर्ति तस्कर करते रहे हैं। ऐसे में करोड़ाें की संपत्ति के मालिक देवी-देवताआें की सुरक्षा का जिम्मा लोगों पर ही छोड़ देना तर्कसंगत नहीं। सर्व देवता समिति मंडी ने आरोप लगाया है कि पुलिस अपने कर्त्तव्य का निर्वाह करने से पीछे हट रही है। समिति का कहना है कि अगर देवता कमेटियों ने ही मंदिराें की रक्षा करनी है तो पुलिस किस लिए है।
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तो फिर पुलिस किस काम की
देवता कमेटियां अपने स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम करती हैं। बावजूद इसके अगर चोरी हो जाए तो चोराें को पकड़ना पुलिस का काम है। जिले के अनेक मंदिरों में हुई चोरियाें में देखा गया है कि पुलिस अभी तक आरोपियाें को हिरासत में लेने में नाकाम रही है। अब उल्टे सारी जिम्मेवारी देवता कमेटियों पर डाल दी है। समिति जल्द ही इस मसले पर एसपी मंडी से मिलेगी। समिति आग्रह करती है कि जिले के सभी थानाें को निर्देश दिए जाएं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख देवालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
-शिवपाल शर्मा, अध्यक्ष सर्वदेवता समिति मंडी।