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लाखों के गबन में फंसा पूर्व एसएमसी प्रधान

Mandi Updated Sun, 10 Aug 2014 05:30 AM IST
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मंडी। सराज क्षेत्र के मुराह स्कूल के पूर्व एसएमसी प्रधान ने लाखों का गबन कर लिया। स्कूल में भवन निर्माण के लिए पूर्व प्रधान ने एसएमसी के खाते से 2 लाख 69 हजार रुपये निकाले और इन्हें डकार लिया। भवन के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। जांच में यह खुलासा हुआ है। अब पूर्व प्रधान पर एफआईआर दर्ज होगी। विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य संजय ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधान पर गबन के आरोप लगे हैं। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश शिक्षा निदेशालय की ओर से आए हैं। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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पूर्व प्रधान ने एसएमसी की बैठक में भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित करवा लिया। इसके बाद खाते से राशि निकाल ली। भवन निर्माण नहीं करवाया गया। शिकायत के बाद जब जांच की गई तो पता चला कि भवन तो बनाया ही नहीं गया। पैसे निकाले गए हैं, इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। इस मामले में अब पूर्व प्रधान के खिलाफ शिकंजा कसना तय है। एफआईआर करने की तैयारी हो चुकी है। गबन में फंसे पूर्व प्रधान की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है।
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विवादों से पुराना नाता
वर्ष 2010 में स्तरोन्नत हुए इस स्कूल का विवादों से पुराना नाता है। पाठशाला का पुराना भवन ढह जाने के बाद पंचायत घर के दो कमरों में यह वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चल रही है। छठी से लेकर जमा दो तक छह कक्षाओं को किस तरह पढ़ाया जाता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक के साथ दूसरी कक्षा सटी हुई बैठती है।
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मौसम खराब हुआ तो छुट्टी
मौसम खराब होने पर स्कूल से छुट्टी करने के अलावा कोई और चारा नहीं है। प्रधानाचार्य का ऑफिस शौचालय के कमरे में चल रहा है।
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आसमान तले बनता है भोजन
रसोई घर न होने की वजह से खुले आसमान के नीचे मिड डे मील तैयार होता है।
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बजट है पर खर्च नहीं हो रहा
ऐसा नहीं है कि स्कूल के भवन निर्माण के लिए पैसे का प्रावधान नहीं है। स्कूल के नए भवन के लिए 1.80 करोड़ का प्रावधान है। लेकिन स्थानीय स्तर की राजनीति के चलते लोग दो गुटाें में बंट गए हैं। जो आपसी खिंचतान के चलते भवन निर्माण के लिए जगह तय नहीं कर पा रहे हैं। यही नहीं स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के चलते शौचालयों, रसोईघर का कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। रसोई घर के लिए साठ हजार में से 50 हजार रुपये खर्च भी किए जा चुके हैं। बावजूद निर्माण अधर में लटका हुआ है।
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एक करोड़ 80 लाख के बजट का प्रावधान है, लेकिन लोगों के बीच जगह को लेकर जारी खिंचतान के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं होे पा रहा है। शिक्षा निदेशालय से पूर्व एसएमसी प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश मिल गए हैं। एसएमसी की बैठक में इस पर चर्चा के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-संजय ठाकुर, प्रधानाचार्य रावमापा मुराह।
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