मंडी। प्रदेश भर में नौनिहालों को पोलियो संक्रमण से बचाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों को पोलियो की तीसरी खुराक के साथ आईपीवी (इनएक्टिवेटिड पोलियो वायरस वैक्सीन) का टीका लगाया जाएगा। बुधवार को जोनल अस्पताल मंडी में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने आईपीवी का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि आईपीवी टीका जिले के सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों एवं चिन्हित स्थानों पर निशुल्क उपलब्ध होगा। 14 सप्ताह से एक वर्ष की आयु के बच्चे को आईपीवी का इंजेक्शन लगाया जाएगा। प्रदेश में करीब एक लाख बच्चों को इस टीके से लाभान्वित किया जाएगा। टीका लगाने के बाद स्वास्थ्य कर्मी द्वारा इसे मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड में दर्ज किया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया है।
प्रदेश में 2009 के बाद पोलियो का नया मामला सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान में अब तक पोलियो के रोगी सामने आने पर प्रदेश में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आईपीवी का विश्व के कई राष्ट्रों में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में उपयोग किया जाता है। देश के असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश और पंजाब में आईपीवी की शुरुआत नवंबर 2015 में की गई। आईपीवी के शुभारंभ पर सलाहर गांव की ऋत्विका ठाकुर को टीका लगा कर यूआईपी शेड्यूल में शामिल किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा डीआर शर्मा ने कहा कि आईपीवी का टीका एक साल के बच्चे को ही लगाया जाएगा। एक साल से अधिक आयु वाले बच्चे को यह टीका नहीं लगेगा। टीका बच्चे की दाहिनी जांघ के मध्य भाग में पांच एमएलडी इंजेक्शन के जरिये ओरल पोलियो वैक्सीन की तीसरी खुराक के साथ इंट्रा मस्कुलर दी जाएगी। पूर्ण टीकाकरण के तहत इस टीके की गणना की जाएगी। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्षा चंपा ठाकुर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. जोगिंद्र ठाकुर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अनुराधा, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस मल्होत्रा, आईपीवी के जिला तकनीकी अधिकारी डा. कपिल जोशी, डा. रोहन ठाकुर आदि मौजूद थे।