नेरचौक/ कोटली/ चौंतड़ा (मंडी)। बल्ह क्षेत्र में वीरवार रात हुई भारी बारिश व तूफान से मक्की की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं, कोटली-धर्मपुर एनएच पर बारिश के चलते हुए भू-स्खलन से तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। शुक्रवार सुबह दस बजे के करीब यातायात को बहाल किया जा सका। वहीं, चौंतड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तलकेहड़ के स्तैन गांव में एक पशुशाला की दीवार ढह गई।
बल्ह घाटी के लेदा, कोठी, गुरुकोठा, ढांगू, साई, नेरचौक, कसारला, पस्ता, सैहल, रोब मांडल, चुगान, पैड़ी, बाल्ट, नागचला, रत्ती, गलमा, सिध्याणी में तूफान से मक्की की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है। कोठी के भानू प्रकाश, चंद्रकांत, ईश्वर दास, दौलत राम, गलमा के देवी रूप ठाकुर, भूप सिंह, ढमेश्वर, गुरुदेव, मांडल के कुलदीप, ढांगू के राकेश ठाकुर, कसारला के पूर्व प्रधान भीखम राम ने कहा कि मक्की की फसल तूफान और बारिश से तबाह हो गई है।
उधर, कृषि विभाग के एसएमएस एनएस नायक ने कहा कि ऊपरी बल्ह के पहाड़ी क्षेत्र में जहां-जहां मक्की की ऊंचाई 3-4 फुट हो गई है, वहां पर तूफान से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तहसीलदार बल्ह जय गोपाल शर्मा ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जाएगा। वहीं, मंडी-कोटली एनएच 70 पर त्रोकड़ा माता मंदिर के समीप भूस्खलन होने से शुक्रवार सुबह सात बजे के करीब यातायात बाधित हो गया है। तीन घंटे तक एनएच पर दोनों तरफ से यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। सड़क बाधित होने से यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, एनएच अॅथारिटी के एसडीओ सोहन लाल ने कहा कि दस बजे यातायात बहाल कर दिया गया है। उधर, चौतड़ा क्षेत्र में ग्राम पंचायत तलकेहड़ के स्तैन गांव में वीरवार रात को भारी बारिश के चलते एक पशुशाला की दीवार ढह गई। पंचायत के पूर्व उपप्रधान ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि किरपा राम की पशुशाला की एक दीवार ढह गई है। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार के सदस्यों ने पशुशाला के अंदर बंधे दो बैलों और एक गाय को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। हादसे की सूचना हलका पटवारी बालक राम को दी गई। पटवारी बालक राम ने रात को मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। किरपा राम ने कहा कि पशुओं के घायल होने के साथ ही गौशाला में रखी 101 क्विंटल तूड़ी भी पानी के कारण खराब हो गई है। हलका पटवारी बालक राम ने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।