सरकाघाट (मंडी)। जिले के कई स्थानों पर आंधी, बारिश और तूफान से काफी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से फलों की फसल बर्बाद हो गई है। आडू, पलम, लीची, नींबू, गलगल के फलदार पेड़ों को ओले गिरने से खासा नुकसान पहुंचा है। सरकाघाट क्षेत्र के तहत प्राथमिक पाठशाला तताहर का धरातल और स्कूल से 100 मीटर दूरी पर स्थित स्टील फैक्ट्री पानी से लबालब भर गई है। तताहर में पानी के प्राकृतिक जलस्रोत भी गाद से भर गए हैं। इसके अलावा घरों की छतों पर लगाए गए सोलर गीजरों और प्लास्टिक की टंकियों को ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा है। वहीं, सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के शीशे तक टूट गए हैं।
घुमारवीं-सरकाघाट सुपरहाइवे के किनारे निकासी नालियां नहीं होने के कारण पानी स्थानीय निवासी जीवन लाल के घर में घुस गया। वरिष्ठ नागरिकों जसवंत गुलेरिया, पंडित विधि चंद, ईश्वर दास, अनंत राम, हरि कृष्ण ने कहा कि मई माह में जिंदगी में पहली बार इतनी बारिश देखी है। कश्मैला गांव में बंशीलाल की गौशाला की छत आंधी में उड़ गई। एसडीएम डा. सुरेश जसवाल ने बताया कि राजस्व अधिकारियों के मौके का जायजा लिया है। आंधी और बारिश के साथ ही ओलावृष्टि से फलदार पेड़ों के साथ सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के शीशे तक टूट गए हैं।