लोगों को बताया जल का महत्व
बद्दी (सोलन)। चूड़ेश्वर लोकनृत्य सांस्कृतिक मंडल के कलाकारों ने जल गुणवत्ता की जांच, वर्षा जल संग्रहण तथा ग्रामीण जलापूर्ति के लिए जन सहयोग आदि विषयों को गीतों व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
मधाला पंचायत परिसर में दल के कलाकार जोगिंद्र सिंह हाब्बी, चेत राम हाब्बी, मनमोहन, सरोज कुमारी और संदीप ने जल स्रोतों का रखना ध्यान जल ही जीवन से लोक गीत से कार्यक्रम की शुरूआत की। उसके बाद समूह गान कुएं बावड़ी सूख रहे बिन जीवन सुनसान प्रस्तुत कर लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों के बारे में जागरूक किया। उसके बाद चेतराम व मनमोहन ने जल ही जीवन है पर नाटिका पेश की।
मधाला के आयोजित इस कार्यक्रम में आईपीएच के सहायक अभियंता एचआर सैनी ने बताया कि स्वच्छ पानी के लिए पंचायत के सभी प्रधानों को किट दी हुई है। पंचायत जन प्रतिनिधि किट से पानी की जांच कर सकते हैं। उन्होंने पालीथिन का प्रयोग पूरी तरह से बंद करने की अपील की। एसडीओ ने लोगों से कहा कि पानी की संरक्षण के लिए कार्य करने पर सरकार ने पुरस्कार योजना रखी है। जोन स्तर पर 25 हजार रुपये तथा प्रदेश स्तर पर एक लाख रुपये पुरस्कार राशि दी जाती है। इस मौके पर हंसराज मेहता, सुनील मेहता, मोहन मेहता उपस्थित रहे। दूसरी ओर कालू झिंडा पंचायत के कोटिया में कार्यक्रम किया गया। जिसमें आईपीएच विभाग के जेई अवनीश कुमार ने कहा कि आईपीएच विभाग जन सहयोग से ही चलता है। लोगों को चाहिए कि पीने के पानी को व्यर्थ नहीं जाने दें। कई बार नलके खुले रहने से पानी व्यर्थ बहता रहता है। लोग जल स्रोतों की सफाई नहीं करते हैं जिससे जल जनित रोग फैलने की आशंका बनी रहती है। इस मौके पर पंचायत प्रधान राज कुमारी, वार्ड पंच रीता शर्मा और नंबरदार विधिचंद उपस्थित थे।