मां शूलिनी अपनी बहन के आतिथ्य पर
सोलन। पूजा अर्चना और पौराणिक वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ शूलिनि मां की पालकी अपनी बहन के घर के लिए शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे निकली और इसी के साथ राज्य स्तरीय मेले का भी शुभारंभ हुआ। परंपराओं को संजोए यह शूलिनी मेला 23 जून तक चलेगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. धनीराम शांडिल ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने मां की पालकी को कांधे पर उठाकर तीन बार शूलिनी माता का जयघोष किया। शूलिनी मां का पहला पड़ाव पुराने बस अड्डे पर लगा। हजारों भक्तों ने माथा टेका। उसके बाद मां की पालकी माल रोड से होकर उपायुक्त चौक तक आई। मां के कल्याणे सफेद कुर्ता पाजामा व काली टोपियों तथा गले में लाल पटकों के साथ दिखे। सड़क पर मां की पालकी के आगे रास्ते पर कल्याणे सफाई करते और गंगाजल का छिड़काव करते चल रहे थे। पीछे मां की पालकी लाल रंग में शोभायमान होकर चल रही थी। पूरे शहर का चक्कर लगाकर मां शूलिनी गंज बाजार में स्थित अपनी बड़ी बहन के मंदिर में रूकी। यहां मां शूलिनी तीन दिनों तक आतिथ्य के रूप में रहेगी। मेले की अंतिम शाम मां अपने मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी।
सुबह पांच बजे शुरू हुई तैयारियां
सोलन। मां शूलिनी के मंदिर की छटा देखने वाली थी। मोगरे के फूलों से झालर से सजाया गया था और चारों कोने में लाल गुलाब लगाए गए। पूरे मंदिर में मोगरे के फूलों की खुशबू बिखरी हुई थी। सुबह चार बजे मंदिर के किवाड़ खोले गए। मंदिर में साफ सफाई के बाद पुजारी रामस्वरूप शर्मा ने मां को नए आभूषण व वस्त्र पहनाए गए। सुबह ठीक 5 बजे मां के मंदिर के किवाड़ भक्ताें के लिए खोल दिए गए। भक्तों ने मंदिर में मां की आरती के साथ माथा टेका और सुख शांति की प्रार्थना की। उसके बाद दोपहर तक हवन व पारंपरिक पूजा का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपायुक्त मीरा मोहंती, एसपी सोलन डा. रमेश छाजटा और पूर्व मंत्री डा. राजीव बिंदल मौजूद रहे।
झांकियां के क्या कहने
मां के भक्तों में मेले को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। सुसज्जित रथ में मां की मूर्तियों और गणेश, शंकर, काली मां की झांकियां निकाली गईं। इन मूर्तियों को देखने के लिए भक्तों का तांता लग गया। चारों तरफ मां के भजन और मां के जयकारे गूंज रहे थे। मां की शोभायात्रा को हर कोई जी भर के देखना चाहता था। वहीं गतखा के करतबों ने सबको चौंकाया।
झलकियां
डेढ़ किमी तक भंडारे ही भंडारे
सपरूण चौक से लेकर पुराने बस स्टैंड तक भंडारे ही भंडारे लगे। सुबह से माल रोड़ पर लोग भंडारों की तैयारी कर रहे थे। दोपहर दो बजे से भंडारे बांटने शुरू हुए। बघाट पार्किंग, गंज बाजार, पुराने बस अड्डे, माल रोड़, संस्कृति कालेज, एसबीआई बैंक, चिल्ड्रन पार्क, पैरागान होटल, आईसीआई बैंक के नजदीक भंडारे और ठंडे पानी की छबील लगाई गई। इसमें खीर, मीठा पानी, हलवा, कढ़ी चावल, राजमां-चावल, बालू शाही, लड्डू, आइसक्रीम के स्टाल पर हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।