रात्रि में दुरुस्त नहीं होते फॉल्ट
बद्दी (सोलन)। प्रदेश के औद्योगिक हब में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। यहां देर रात अगर कोई फाल्ट आ जाए तो फीडर बंद करके सुबह का इंतजार होता है। कारण है कि स्टाफ नहीं है। ऐसे में फिर चाहे उद्योगों को लाखों की चपत लग जाए, आम लोगों को पानी के लिए महरूम रहने पड़े या सरकारी कार्यालयों और बैंकों में दोपहर तक काम ठप रहने से लोग परेशान रहे।
बीबीएन के बरोटीवाला के कई क्षेत्रों में देर रात करीब डेढ़ बजे एक उद्योग में तकनीकी खराबी और अन्य कारणों के चलते मुख्य लाइन ध्वस्त हो गई। अधिकारियों ने स्टाफ न होने का हवाला देते हुए फीडर बंद कर दिया। पूरे क्षेत्र की बत्ती गुल कर दी गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे बिजली व्यवस्था सुचारु हुई। इस दौरान बरोटीवाला क्षेत्र में बैंक और पोस्ट ऑफिस में कार्य बंद पड़ा रहा। दूरदराज से आए लोग बिना काम के ही वापस लौट गए। पेयजल योजना बंद होने से लोगों को पानी भी नहीं मिला।
वहीं बरोटीवाला क्षेत्र में दर्जनों छोटे बड़े उद्योग हैं जिसमें मध्य रात्रि 1 बजे से कार्य बंद पड़ा हुआ है। पहले ही मंदी की मार झेल रहे उद्योगपतियों को बिजली के कट की मार से और परेशानी बढ़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 2500 से 3000 की आबादी प्रभावित हो रही है।
बिजली व्यवस्था हो बेहतर
इलाके के उमाचंद महाजन, डॉ. ईश्वरी प्रसाद, पूर्व प्रधान जय चंद, प्रताप सिंह राणा, राजेंद्र राणा, ललित मोहन, उदय राम चौधरी और कर्मचंद चौधरी के अनुसार 12 घंटे बीत जाने के बरोटीवाला, बुरांवाला, बट़ेड़ समेत आधा दर्जन गांवों में बिजली सुचारू हो सकी है। उन्होंने बिजली व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग उठाई है।
एक बाल्टी भी नहीं मिला पानी
लोगों ने रविवार को जो पानी स्टोर किया हुआ था, उसी से उन्हें गुजारा करना पड़ा। आईपीएच विभाग ने वही पानी लोगों को छोड़ तो दिया लेकिन उससे एक-एक बाल्टी भी पानी नहीं मिल पाया। बिजली न होने से आटा चक्की भी बंद रही। जिससे लोगों को अनाज पिसवाने में दिक्कत हुई।
रात को बंद किया फीडर
वहीं इस संबंध में विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता ओमकार चौधरी के अनुसार दोपहर डेढ़ घंटे के बाद बिजली बहाल की गई है। रात को डेढ़ बजे एक उद्योग में तकनीकी खराबी और अन्य कारणों के चलते लाइन ध्वस्त हुई थी। रात को स्टाफ कम होने के कारण फीडर बंद करना पड़ा। सुबह काम शुरू किया गया तक कहीं जाकर बिजली बहाल हो सकी है।