बद्दी (सोलन)। गत्ता उद्योग संघ की प्रदेश इकाई की बैठक में यूपी और उत्तराखंड की पेपर मिलों में हो रही हड़ताल का विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अब दोबारा पेपर के रेट बढ़ते हैं और बाक्स के दाम नहीं बढ़े तो गत्ता उद्योग यहां से पलायन कर जाएगा।
बद्दी में प्रदेश अध्यक्ष मुकेश जैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में ढाई सौ गत्ता उद्योग हैं जिसमें पचास हजार टन गत्ता प्रति माह खपत है। हिमाचल से 20 फीसदी कच्चा माल स्थानीय पेपर मिलों से मिलता है। शेष माल यूपी, उत्तराखंड और पंजाब से आता है। पेपर मिलों की मनमानी के चलते कच्चे माल के रेट तो लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन तैयार गत्ते के उत्पाद के रेट पहले जैसे हैं। कच्चे माल के दाम में पर रोक नहीं लगाई गई तो गत्ता संचालकों को यहां से पलायन करना पड़ सकता है। पिछले दो माह से क्राफ्ट पेपर में 15 फीसदी तक वृद्धि हुई है। अब 20 मार्च तक दोबारा यूपी और उत्तराखंड की मिलों ने हड़ताल कर दी है। इससे गत्ता उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पंजाब सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। अगर प्रदेश और केंद्र सरकार ने पेपर मिलों की फर्जी हड़ताल पर कोई रोक नहीं लगाई तो गत्ता उद्योग यहां से बंद हो जाएंगे।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मुकेश जैन, महासचिव अजय चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गगन कपूर, संरक्षक गरीश सरदाना, बीबीएन के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, राजीव गुलाटी, हेमराज चौधरी, मुकेश शाह, बलदेव गोयल, विशाल गोयल, मनीष गर्ग, बलराम अग्रवाल, प्रियंकल खन्ना, हरिओम खन्ना, अजय जैन ने भी अपने विचार रखे।
प्रदेश अध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि ढाई सौ में से दो सौ गत्ता उद्योग संचालक अपनी घर से पूंजी लगा कर किसी तरह अपनी यूनिट को चला रहे हैं। अगर अब रेट बढ़ते है तो बंद करने के सिवाय कोई चारा नहीं है।
बीबीएन के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि बिजली में 25 फीसदी और एलपीजीे में 50 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। दो रुपये प्रति यूनिट बिजली के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे हालात में उद्योग चलाना कठिन हो गया है।
गत्ता उद्योग संघ के संरक्षक गिरीश सरदाना (कालाअंब) ने कहा कि पहाड़ों में खूब बर्फबारी हुई है। सेब सीजन अच्छा होने की उम्मीद है। मिलों ने इसे देख कर हड़ताल की है। ताकि कच्चा माल के दाम बढ़ा सकें।
परवाणू से आए संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गगन कपूर ने कहा कि प्रदेश में 10 पेपर मिलें हैं। यह सभी मिलें अपना पेपर हिमाचल के गत्ता संचालकों को न देकर अन्य राज्यों को दे रही हैं। सरकार इसपर संज्ञान ले।
उद्यमी अजय चौधरी ने कहा कि पेपर मिलों की ओर एसोसिएशन बना कर रेट बढ़ाने पर राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा आयोग में कार्रवाई होनी चाहिए। यह शुरूआत यहां की सरकार के सहयोग से शुरू होनी चाहिए।