सोलन। हिमाचल प्रदेश पुलिस की आईटी को दुरुस्त करने वाली कंपनी खुद चोरी छिपे साफ्टवेयर और हार्डवेयर का सामान हिमाचल की सीमाओं के भीतर पहुंचा रही है। जिला सोलन के कंडाघाट में दबिश देकर आबकारी एवं कराधान विभाग नेगोरखधंधे को बेनकाब किया है। कूरियर कंपनी के माध्यम से भेजा जा रहा सामान विभाग की टीम ने जब्त किया है। टैक्स चोरी करने के लिए कंपनी ने कूरियर सेवा का सहारा लिया था। लिहाजा विभाग ने इस कंपनी के खाते अटैच कर दिए हैं। अब तक करीब 11 करोड़ का बिजनस किया गया है। लिहाजा टैक्स की रिकवरी उस राशि से होगी, जो पुलिस विभाग ने कंपनी को सेवाओं के रूप में देनी है। इसकी पुष्टि आबकारी एवं कराधान आयुक्त आरएस नेगी ने की है। टीम में ईटीओ प्रीतपाल सिंह और इंस्पेक्टर कमल कुमार मौजूद थे।
नहीं भरा 26 फार्म
छानबीन में पाया गया कि कंपनी ने आनलाइन वैट 26ए फार्म नहीं भरा था। इस सामान की कीमत 02 लाख 21 हजार रुपये है। इस पर 65 हजार रुपये टैक्स व जुर्माना लगाया गया है।
टैक्स आइडेंटिफिकेश नंबर नहीं
इंक्वायरी करने पर पता चला की कंपनी की टिन नही है। विभाग के मुताबिक यह कंपनी पिछले अगस्त 2012 से हिमाचल में कारोबार कर रही है। इस दौरान कोई टैक्स अदायगी नहीं हुई है। सरकारी विभागों के अलावा राजधानी में प्राइवेट बिजनस में भी इस कंपनी का काफी कारोबार है। विभागीय जांच में इस कंपनी की परतें खुल सकती हैं।
शामिल हो सकते हैं और विभाग
आबकारी एवं कराधान विभाग अन्य विभागों से कंपनी के लिंक का पता लगा रही है। सूचना है कि कंपनी अन्य सरकारी विभागों में भी साफ्टवेयर और हार्डवेयर का बिजनस करती है।