ऊना। श्रीमद्भागवत कथा सभी ग्रंथों में ग्रंथ श्रेष्ठ है। यह बात वीरवार को कोटला कलां के प्रसिद्ध धार्मिक श्रीराधा-कृष्ण मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन हजारों की श्रद्धालुओं को प्रवचन सुनाते हुए कथा वाचक साध्वी ऋंतभरा ने कही। जैसे ही साध्वी ऋतंभरा ने हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, हरे रामा, हरे रामा का संकीर्तन शुरू किया तो माहौल एकाएक भावुक हो गया और कुछ पलों के लिए तो नम आंखों के बीच ऋतंभरा भी रूक गई। श्री कृष्ण भक्ति का रस बिखेरते हुए साध्वी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने से मनुष्य पाप मुक्त हो जाता है। मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम एक बार श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। राष्ट्रीय परम संत बाबा बाल जी महाराज धर्म के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। आज की युवा पीढ़ी जो है वे माता पिता को बोझ समझ रही है। उन्होंने माता पिता से भी अपने बच्चों के लिए अधिक समय निकालने एवं भगवान की भक्ति में लगाना चाहिए, जिससे उनमें भी अच्छे संस्कार आएं।