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गड़बड़ी पाई गई तो नपेंगे बैंक प्रबंधक

Una Updated Wed, 06 Aug 2014 05:30 AM IST
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ऊना। केसीसी बैंक की कई शाखाओं में फर्जी दस्तावेजों पर जारी हुए लोन मामलों की गाज बैंक कर्मियों पर भी गिर सकती है। ऊना में हुए लाखों रुपये के गड़बड़झाले पर कांगड़ा बैंक के चेयरमैन भी तल्ख दिखे। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े में यदि बैंक के किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसे सीधे तौर पर नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।
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सिपहिया ने कहा कि इस मामले की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। लेकिन इसके साथ-साथ बैंक प्रबंधन की भी मामले पर पूरी नजर है। बैंक प्रबंधक लोन देने की हर प्रक्रिया से जांच कर रहा है। कांगड़ा कोआपरेटिव बैंक ऊना की छह शाखाओं में 61 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। इसमें केसीसीबी की हरोली, धुसाड़ा, पंजावर, संतोषगढ़, मैहतपुर, बंगाणा में आरोपी ने फर्जी दस्तावेज जमा कराए थे। बंगाणा को छोड़कर अन्य सभी शाखाओं ने आरोपी को फर्जी दस्तावेजों पर धड़ाधड़ लाखों रुपये के लोन बांटे। अब फर्जीवाड़े का खुलासा होने से बैंक प्रबंधकों के भी हाथ-पांव फूल गए हैं।
आरोपी ने ऊना जिले के विभिन्न इलाकों से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार करके बैंकों में लोन के लिए अप्लाई किया, जिस पर बैंकों ने उसे लोन भी जारी कर दिया। अंतिम दौर में 27 जुलाई को बंगाणा शाखा में आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धरा गया। अब आरोपी करनैल पुलिस रिमांड पर चल रहा है। सिपहिया ने कहा कि लोन के सभी केसों में प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की भी जांच पड़ताल होगी। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में एक अलग तरह का मामला है। इसके चलते हर तरह से इसकी जांच अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़ा मामले में किसी भी बैंक अधिकारी और कर्मचारी की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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