पाकिस्तान इन दिनों राजस्थान के जैसलमेर से लगते बॉर्डर क्षेत्र में पूरी ताकत से किसी की खोज में जुटा है। इसका जवाब मंगलवार को देश के पेट्रोलियम मंत्री धमेन्द्र प्रधान ने लोकसभा में दिया। प्रधान के अनुसार पाकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र के नजदीक स्थित गैस फील्ड से बड़ी मात्रा में गैस का उत्पादन कर रहा है।
उनके अनुसार जिन क्षेत्रों में यह किया जा रहा है वह पाकिस्तान का ही क्षेत्र है। लेकिन बॉर्डर के नजदीक होने के कारण इस बात की आशंका बढ़ गई है कि इससे भारतीय सीमा में स्थित प्राकृतिक गैस के भंडारों पर असर पड़ सकता है। प्रधान ने यह जानकारी बाड़मेर से सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी के प्रश्न के जवाब में दी। जिसमे चौधरी ने पूछा था कि भारतीय सरकार कब इन क्षेत्रों में स्थित प्राकृतिक गैस को निकालना प्रारंभ करेगी। उन्होंने आशंका जताई थी कि पाकिस्तानी क्षेत्र में स्थित पाक व चाईनीज कंपनियां भारत की प्राकृतिक सपंदाओं का दोहन कर सकती है।
जल्द ही प्रारंभ होगी खोज
पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार जैसलमेर व बाड़मेर क्षेत्र में जल्द ही प्राकृतिक संसाधनों की खोज प्रारंभ की जाएगी। मंत्री ने दावा किया कि इन क्षेत्रों के अतिरिक्त कच्छ में भी हाइड्रोकार्बन के उत्पादन के लिए प्रक्रिया प्रारंभ होगी। वहीं जैसलमेर सांसद का कहना था कि इन क्षेत्रों में करीब 50 वर्ष पूर्व आॅयल व गैस के कुओं की खोज की गई थी। लेकिन अब कई कुएं काम में नहीं आने के कारण बंद हो गए है। जबकि बॉर्डर के दूसरी ओर चाईनीज व पाक कंपनियां बड़ी मात्रा में हाइड्रोकार्बन का उत्पादन करने में जुटी है।
इन क्षेत्रों में कर रहा पाकिस्तान उत्पादन
पाकिस्तान की ओमवी कंपनी सावन, मीनो, लतीफ, ताजल व मेहर गैस फील्ड में उत्पादन कर रही है। जिनमें मारी व मीनो फील्ड क्षेत्र भारत—पाक बॉर्डर के काफी नजदीक है। जबकि जैसलमेर के तानोट व लोंगेवाला जो कि बॉर्डर के काफी नजदीक क्षेत्र है वहां से करीब आठ किलोमीटर दूर ही पाकिस्तान में घेटकी क्षेत्र है। जहां एक चाइनीज कंपनी बड़ी मात्रा में आॅयल उत्पादन के कार्य में जुटी है। पिछले एक माह में इस कार्य में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार करीब 2500 पाक और चाइनीज एक्सपर्ट की टीम इस काम में लगी हुई है।
नहीं मिली खास सफलता
जबकि भारतीय क्षेत्र में घोटारु व लोगेंवाला में भारतीय कंपनी ओएनजीसी गैस व आॅयल की खोज में जुटी है। लेकिन उसे खास सफलता नहीं मिली हैं जानकारी के अनुसार ओनजीसी इस क्षेत्र से करीब 50000 मीटर क्यूबिक गैस का ही उत्पादन कर सकी है।