जम्मू। बैंक के साथ धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस जालसाजी को व्यापारियों, बैंककर्मी और राजस्वकर्मी के गठजोड़ ने अंजाम दिया। एक नेत्रहीन और अनपढ़ व्यक्ति की जमीन बिना उसकी जानकारी के उसके नकली दस्तखत से राष्ट्रीयकृत बैंक में बंधक रख 65.70 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन व्यापारियोें, एक बैंककर्मी और एक राजस्व विभाग के कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया है। खासबात यह है कि जिस व्यक्ति की जमीन गारंटी के तौर पर रखी गई, वह व्यापारियों को जानता तक नहीं है। क्राइम ब्रांच के अनुसार बैंक को नुकसान पहुंचाने वालों में राम लाल गुप्ता, गौरव गुप्ता और सदाशिव पुरी के साथ-साथ बैंक अधिकारी और राजस्व अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
यूको बैंक के जोनल मैनेजर (नई दिल्ली) ने क्राइम ब्रांच को दी शिकायत में कहा था कि सांबा निवासी कबला सिंह की व्यक्तिगत और स्टाक गारंटी पर तीन व्यापारियों को लोन लिमिट प्रदान की गई थी। तीनों व्यापारियों के एकाउंट नन परफार्मिंग एस्सेट्स (एनपीए) हो गए और कबला सिंह को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया, जिसकी उसने गारंटी ली थी। कबला सिंह ने इस बात से इंकार किया कि उसने किसी लोन के लिए गारंटी दी या फिर अपनी जमीन बैंक को बंधक रखी। बैंक के रिकार्ड में अबला सिंह ने अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए हैं, जबकि वह अनपढ़ और अंधा है।
मामले की जांच में पाया गया कि तीनों व्यापारियों ने बैंक अधिकारी और राजस्व अधिकारी की मिलीभगत से अबला सिंह की जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए और लोन हासिल किया, जबकि कबला सिंह को इसकी जानकारी तक नहीं है।