जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि औद्योगिक विकास में सरकार की भूमिका सिर्फ श्रेष्ठ परिस्थितियां बनाना है, ताकि उद्यमी उसका लाभ उठाकर आगे बढ़े। उमर ने कहा, ‘स्माल और मीडियम इंडस्ट्रीज के लिए वित्तीय क्षेत्र को आरक्षित करने का मैं पक्षधर नहीं हूं। यह उद्यमियों पर छोड़ देना चाहिए कि वे अपने पसंदीदा उद्योग में अपनी क्षमता के अनुरूप निवेश करें। छोटे उद्यमियों के आपरेशन क्षेत्र को आरक्षित करने से वे हानिकारक स्थिति में खड़ा कर सकता है।’ मुख्यमंत्री मंगलवार को स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उद्योग और वाणिज्य मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया ने कहा कि स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज ने आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। सरकार ऐसे छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए हर तरह से प्रयास कर रही है, ताकि वे अपनी यूनिट स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले निवेशकों के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार किया है।
चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रेसीडेंट वाईवी शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उद्योगों के समक्ष खड़े संकट से अवगत करवाया। साथ ही मुख्यमंत्री से अपील की कि वे पब्लिक सेक्टर उद्यम रियासत में लाने का प्रयास करें, ताकि इसका लाभ राजस्व के अलावा बेरोजगार युवकों को रोजगार मुहैया करवाने में भी हो। बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रेसीडेंट अनिल सूरी ने नए उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को होने वाली समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। सूरी ने कहा कि नए उद्योग के लिए 37 इंस्पेक्शन, 52 कानून और 115 तरह के रजिस्ट्रेशन से गुजरना पड़ता है। इसे पूरा करते-करते निवेशक थक जाता है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए इन नियमों को लचीला बनाने की जरूरत है। इस दौरान एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल डीएस रावत, एचडीएफसी बैंक के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट दिवेश मिश्रा, केनरा बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर जीआर रेड्डी, जेएंडके बैंक के असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट विनय साहनी, सिडबी के असिस्टेंट जनरल मैनेजर अनुज जैन ने भी संबोधित किया।