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पीएसजीए के दायरे में आए गृह और स्वास्थ्य विभाग

Jammu Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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जम्मू। राज्य पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के (पीएसजीए) दायरे में अब गृह, हेल्थ एंड मेडिकल एजूकेशन और वन विभाग भी आ गए हैं। इन विभागों के अधीन 13 सेवाओं को अब एक्ट के मुताबिक अवाम को संबंधित विभागों को मुहैया कराना पड़ेगा। वीरवार को इस संबंध में राज्य सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी। इसके तहत अब थानों में एफआईआर की कापी शिकायतकर्ता को एक दिन के भीतर और दूसरे पक्ष को तीन दिन के भीतर मुहैया करानी पड़ेगी। पोस्ट मार्टम की प्राथमिक और फाइनल रिपोर्ट मुहैया कराने के लिए एक सप्ताह का समय मुकर्रर किया गया है।
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डिप्टी सीएम तारा चंद का कहना है कि राज्य सरकार ने यह कदम गृह, स्वास्थ्य एवं मेडिकल एजूकेशन और वन विभाग को अवाम के प्रति जवाब देने के लिए बनाया है। इससे पूर्व राजस्व, पीएचई, आरटीओ, पीडीडी और ग्रामीण विकास विभाग आदि विभागों के अधीन कई सेवाओं को पीएसजीए के अंतर्गत लाया गया है। ताकि अवाम को विभागों में कामकाज को लेकर कोई दिक्कत न हो। इससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। गृह विभाग के अधीन लाई गई अन्य सेवाओं में पासपोर्ट के लिए सीआईडी जांच, नव नियुक्त राज्य कर्मचारियों की जांच, चरित्र प्रमाणपत्र, संबंधित थाना क्षेत्र में जांच की प्रक्रिया, वाहनों की चोरी, डूबने से मौत और चौरी के मामलों का कोई सुराग नहीं मिलने की रिपोर्ट शामिल हैं। पासपोर्ट और नव नियुक्त कर्मियों की सीआईडी रिपोर्ट तैयार करने के लिए अधिकतम दो महीने का समय मुकर्रर किया गया है। चरित्र प्रमाण पत्र के लिए अधिकतम 15 दिन। वाहन चोरी, डूबने और दुर्घटनाओं में लापता होने वालों और चोरी की घटनाओं में कोई सुराग नहीं मिलने की रिपोर्ट भी संबंधित थाना क्षेत्रों के प्रभारी 15 दिन के भीतर देंगे।
इसके अलावा स्वास्थ्य और मेडिकल एजूकेशन विभाग से विकलांग प्रमाणपत्र, बीमारी का प्रमाण पत्र, मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और पोस्ट मार्टम रिपोर्ट जैसी सेवाआं को एक्ट के दायरे में लाया गया है। विकलांग प्रमाण पत्र आवेदक को एक महीने के भीतर, बीमारी का प्रमाण पत्र उपचार पूरा होने के बाद एक सप्ताह के भीतर और मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र एक दिन के भीतर जांच के बाद संबंधित अधिकारियों को जारी करना पड़ेगा। वन विभाग के अधीन राज्य प्रदूषण बोर्ड को अब ओरेंज, रेड और ग्रीन श्रेणी की एनओसी जारी करने के लिए अधिकतम चार महीने का समय दिया गया है।
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