जम्मू। नए साल में पल्स पोलियो अभियान का आगाज 20 जनवरी से होगा। दूसरा चरण 24 फरवरी 2013 को चलाया जाएगा। दो साल से कोई पल्स पोलियो मामला सामने नहीं आने से रियासत को पल्स पोलियो मुक्त बनाने की तैयारी की जा रही है। इस कड़ी में राज्यभर में वर्कशाप के अलावा चिकित्सा कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जम्मू में शनिवार को राज्य स्तरीय वर्कशाप में एक्शन प्लान पर चर्चा होगी। इस बार ईंट भट्ठों, झुग्गी झोपड़ी, विस्थापित गुज्जर बक्करवालों, निर्माण स्थलों और सड़क किनारे बसे श्रमिकों के बच्चों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। परिवार कल्याण विभाग, जम्मू के निदेशक डा. कुलदीप केसर के अनुसार, पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने को सभी प्रयास किए जा रहे हैं। जनवरी 2013 में शुरू हो रहे पल्स पोलियो के तीन दिनों के अभियान में पहले दिन बूथ और बाकी दो दिन डोर टू डोर पांच साल से कम आयु वाले बच्चों को दो बूंद जिंदगी के पिलाए जाएंगे। इसमें हजारों चिकित्सा कर्मियों की सेवाएं ली जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में देश भर में 41 नए पल्स पोलियो के मामले सामने आए था। इनमें जम्मू का एक मामला भी शामिल रहा, लेकिन यह मामला बाहरी राज्य से यहां तक पहुंचा। बाजीगर बस्ती में एक खानाबदोश परिवार से संबंधित बच्चे में पोलियो की शिकायत पाई गई। वर्ष 2002 से लेकर 2010 तक राज्य में सिर्फ तीन ही पल्स पोलियो के मामले पकड़े गए हैं, लेकिन ये सभी मामले बाहरी राज्यों से यहां तक पहुंचे। इनमें स्थानीय कोई मामला नहीं था। अगर इस साल भी कोई मामला सामने नहीं आता है, तो राज्य को पोलियो मुक्त घोषित किया जाएगा।