जम्मू। रावी नदी में अवैध खनन पर जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट मेें पेश जनहित याचिका पर जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएम कुमार और धीरज सिंह ठाकुर ने डीसी कठुआ को स्टोन क्रेशर की स्ेटेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
जनहित याचिका में डीसी कठुआ को कमेटी की पेश की गई रिपोर्ट के आधार पर लखनपुर के निचले क्षेत्र जराई में चल रहे 13 स्टोन क्रेशर को बंद करने की अपील की गई। सीनियर एडवोकेट एसएस लहर, एडवोकेट अनायत उल्लाह, एडिशनल एडवोकेट जनरल एचए सिद्दिकी, डिप्टी एडवोकेट जनरल दीपिका महाजन और एडवोकेट डीएस ठाकुर की दलीलों पर पाया तीन दिसंबर 2010 के आदेश में पाया गया डीसी कठुआ ने जिले में तहसीलदार कठुआ से अनुमति जारी करने के मामले की जांच के आदेश दिए गए। जांच के दौरान अक्तूबर नवंबर 2010 में तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी सभी अनुमति आदेश को लागू करने पर रोक लगा दी। कोर्ट के आदेश के बाद भी डीसी कठुआ ने अभी तक जांच और तहसीलदार के अनुमति आदेश इत्यादि की रिपोर्ट पेश नहीं की। आरोप है, स्टोन क्रेशर अभी तक चल रहे हैं। अगर ऐसा है तो यह समझ में नहीं आ रहा है कि किस अथारिटी के तहत स्टोन क्रेशर चलाए जा रहे हैं। एडिशनल एडवोकेट जनरल सिद्की ने डीसी कठुआ की और से पेश होकर बताया स्टोन क्रेशर के चलाए जाने की स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाएगी। खंडपीठ ने इस बीच स्टोन क्रेशर के मालिकों को भी अपनी आपत्तियां पेश करने की छूट दी। जेएनएफ