जम्मू। कंजक पूजन के साथ शुक्रवार को चैत्र नवरात्र की समाप्ति होगी। नवमी पर महामाई की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की जाएगी।
सूर्य पुत्री तवी नदी में सूर्यास्त से पूर्व साख प्रवाहित कर माता रानी का गुणगान किया जाएगा। इस बीच वीरवार अष्टमी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शहर के प्रमुख बावे वाले मंदिर सहित अन्य मां के दरबारों में पहुंचकर हाजिरी दी। अष्टमी पर वीरवार को दिनभर भद्रा रहने के कारण कंजक पूजन और साख प्रवाहित का शुभ मुहूर्त न होने के कारण यह प्रक्रिया नवमी पर शुक्रवार को की जाएगी। कंजक पूजन के साथ मां का स्वरूप कंजकों को ढूंढने का सिलसिला सुबह से शुरू होगा। इसमें लोग घर घर जाकर कंजकों का पूजन करते हैं। उन्हें चन्ना, पुरी, हलवे के साथ अन्य गिफ्ट दिए जाते हैं। नवरात्र के चलते बाजारों में रौनक बरकरार है। खरीददारों की जमकर भीड़ उमड़ रही है।
दुकानदार भी ग्राहकों को रुझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पंडित जगदीश राज शर्मा के अनुसार शुक्रवार को सूर्यास्त से पूर्व तक दिनभर साख प्रवाहित करने का शुभ मुहूर्त रहेगा। इसमें कंजक पूजन करके नवरात्र की समाप्ति की जाएगी। नवमी पर भी महामाई के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचेगी।