जम्मू। नेचुरल स्पिनर के नाम से विश्वभर में विख्यात बिशन सिंह बेेदी के जाने के बाद जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में चीफ कोच की कमी खल रही है। बेदी ने डेढ़ साल के कार्यकाल में रियासत को परवेज रसूल जैसे खिलाड़ी दिए, जो आईपीएल 2013 के अलावा चैंपियंस ट्राफी के लिए टीम इंडिया की प्रस्तावित सूची में शामिल होने वाले रियासत के पहले खिलाड़ी बने। बेदी केनेतृत्व में राज्य ने पिछले रणजी सेशन में आठ मुकाबलों में से दो में जीत और तीन को ड्रा करवाने में सफलता हासिल की लेकिन उनकी जगह भरने के लिए अभी कोई खास कसरत नहीं हो पाई है। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष मंजूर वजीर का कहना है कि एसोसिएशन की आगामी वर्किंग कमेटी की बैठक में ही कोच को लेकर कोई फैसला किया जाएगा। नए कोच की तलाश में फिलहाल कुछ नहीं किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि नवंबर 2012 में जम्मू के जीजीएम साइंस कालेज की हास्टल ग्राउंड पर रणजी मुकाबले में आंध्र प्रदेश के खिलाफ जम्मू-कश्मीर की टीम में कश्मीर के खिलाड़ियों का बहिष्कार करने के बाद बेदी के खिलाफ जम्मू पर इनायत करने के आरोप जड़े गए। इसके लिए कश्मीर के खिलाड़ियों ने शिकायत की। इस विवाद के बाद बेदी जनवरी 2013 से मैदान से हट गए और एसोसिएशन के प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला से इस्तीफे की पेशकश कर डाली। इसके बाद जब बेदी वापस आने पर गंभीर नहीं दिखे तो गत 27 मार्च को उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। 17 जुलाई 2011 को बेदी जेकेसीए में बतौर चीफ कोच के तौर पर तीन साल के लिए नियुक्त हुए थे लेकिन जेकेसीए में मतभेद के बाद उन्हें डेढ़ साल बाद ही अपना पद छोड़ना पड़ा। पदाधिकारियों का तर्क रहा कि बेदी की स्वेच्छा से ही उनका इस्तीफा मंजूर किया गया था।