जम्मू। किश्तवाड़ दंगे की जम्मू में पहुंची आग को शांत करने के लिए सरकार और प्रशासन की पहल पर बुलाई गई बैठक बेनतीजा रही। बैठक की अध्यक्षता कर रहे उप मुख्यमंत्री तारा चंद को लोगों का गृह राज्य मंत्री सज्जाद किचलू पर गुस्सा झेलना पड़ा। मौके पर मौजूद बागवानी मंत्री रमण भल्ला और पीएचई मंत्री शाम शर्मा खामोश रहे। नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र राणा ने अपनी पार्टी के मंत्री किचलू का बचाव किया। इस दौरान कांग्रेस मंत्रियों ने अवाम हित में अमन कायम करने की दुहाई दी। बैठक में मौजूद नुमाइंदों ने एक स्वर में कहा कि राज्य में बढ़ रहे धार्मिक यात्राओें को चोट पहुंचाने की साजिश रची है। अमरनाथ, बुड्ढा अमरनाथ और मचेल यात्रा इस समय चल रही हैं। मचेल यात्रा किश्तवाड़ से ही गुजरती हैं। लिहाजा राज्य में बढ़ रहा धार्मिक पर्यटन कुछ कट्टरपंथियाें को रास नहीं आ रहा।
दो घंटे तक चली हंगामी बैठक में चैंबर आफ कामर्स के महासचिव अरुण गुप्ता, उपाध्यक्ष लंगर और ट्रेडर्स फेडरेशन के यशपाल गुप्ता ने कांग्रेस मंत्रियों पर तीखे सवाल पूछे। अरुण गुप्ता और लंगर ने कहा कि सुबह से किश्तवाड़ में शुरू हुई हिंसा और लूटपाट का सिलसिला देर शात तक चला। मुख्यमंत्री, पुलिस और प्रशासन कहीं नजर नहीं आए। कौन लोग दंगे के लिए दोषी है इसका जवाब जम्मू को चाहिए। बार संघ के अध्यक्ष एमके भारद्वाज, पूर्व केंद्रीय मंत्री और विधायक प्रो. चमन लाल गुप्ता ने भी पुलिस और प्रशासन को खरी खोटी सुनाई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा, विधायक अशोक खजूरिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल सिंह, बाली भगत और पूर्व मेयर कवींद्र गुप्ता ने कहा कि किश्तवाड़ से अल्पसंख्यकों का पलायन कराने की साजिश के तहत यह दंगा हुआ। चंद दिन पूर्व कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी ने कश्मीर से ईद के बाद इसकी शुरुआत का एलान किया था लेकिन इसकी शुरुआत ईद पर ही हो गई। भाजपा नेताओं ने साफ कर दिया कि अगर अब जम्मू में हालात बेकाबू हुए तो इसकी जिम्मेदारी सरकार पर आयद होगी। गृह राज्य मंत्री सज्जाद किचलू जिम्मेदार हैं। शिव सेना डोगरा फ्रंट के अशोक गुप्ता और मूवमेंट के सुनील डिंपल, पर्यटन मंडल के इंद्रजीत खजूरिया आदि ने भी सरकार को किश्तवाड़ मसले पर कटघरे में खड़ा किया।