जम्मू। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भद्रवाह एमके शर्मा ने बहु से बलात्कार के आरोपी ससुर को आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने शिकायत करने वाली महिला को भी कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा कि गलत बयान पर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।
पुलिस केस के अनुसार 17 दिसंबर 2010 को महिला ने गंदोह पुलिस स्टेशन में लिखित में शिकायत दर्ज कराई कि उसका ससुुर धमकी देकर उससे बलात्कार करता रहा है। उसका पति शिमला में मजदूर है और पिछले एक साल से घर नहीं आया है। उसकी गैर मौजूदगी में हुए बलात्कार से वह गर्भवती हो गई। प्रधान न्यायालय ने पूरे केस पर गौर करने के बाद पाया कि पूरा केस महिला के बयानों पर आधारित है। कोर्ट में अपने बयानों से वह मुकर गई। अन्य गवाह उसका पति मुज्जफर अली भी अपनी गवाही से मुकर गया। आरोपी के खिलाफ एक भी सबूत नहीं बना। इसलिए चालान फेल हो गया है और आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि पूरे केस में गवाह मुकर गए, जो एक गंभीर मामला है।
महिला के 164-ए सीआरपीसी में गंदोह में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज हुए। केस सुनवाई के दौरान मौजूदा कोर्ट में उसने विरोधाभास भरे बयान दिए। कोर्ट नतीजा नहीं निकाल पा रहा है कि कौन से बयान सही हैं और कौन से गलत। कोर्ट महिला के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इसलिए उसके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।