जम्मू। शारदीय नवरात्र के शुरू होने के साथ ही पांच अक्तूबर से अगले आठ दिन के लिए पूरा शहर महामाई के रंग में डूब जाएगा। शहर के प्रमुख बावे वाले मंदिर सहित अन्य मां के दरबार में भक्तों की आस्था देखते ही बनेगी। मां भगवती के चरणों में हाजिरी देकर सुख समृद्धि की कामना की जाएगी। परिवार में शांति के लिए माता की साख लगाई जाएगी।
शहर के बावे वाले मंदिर में फूलों की विशेष सजावट का कार्य अंतिम चरण में है। नवरात्र के दौरान फूलों की महक पूरे परिसर को खुशनुमा बनाएगी। नवरात्र के दौरान दर्शन के लिए खास व्यवस्था रहेगी। भक्तों को कतारों में ही दर्शन के लिए भेजा जाएगा। माता महाकाली ट्रस्ट के महंत बिट्टा के अनुसार शनिवार तड़के 3:30 बजे माता का दरबार दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा लेकिन दर्शन के लिए देर रात से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो जाता है। अधिकांश श्रद्धालु पैदल ही मां का गुणगान करते हुए अपनी मां के पास पहुंचते हैं। मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचेंगे। इसमें कई भक्त ऐसे रहते हैं जो मन्नत पूरी होने पर जमीन पर लेट कर यहां आते हैं। सूर्य पुत्री तवी किनारे बसे इस मंदिर का निर्माण करीब दो सौ साल पूर्व महाराजा गुलाब सिंह ने करवाया था। राज्य में यह एकमात्र महाकाली का मंदिर है, यहां प्राकृतिक पिंडी विराजमान है। गांधीनगर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर और साईं बाबा मंदिर आदि में भी साज-सज्जा शुरू कर दी है।