जम्मू। कश्मीर में सचिवालय बंद होने के बाद ही दरबार मूव के लिए सुरक्षा बलों ने भी अपना बिस्तर गोल करना शुुरू कर दिया है। शनिवार को पहला जत्था जम्मू के लिए रवाना हो गया। दरबार मूव के जत्थे के रवाना होने के साथ ही हाईवे पर सुरक्षा बलों को भी अलर्ट कर दिया गया है। दरबार मूव के लिए घाटी से सीआरपीएफ की पांच कंपनियां और करीब 80 ट्रैफिक पुलिस जवान रवाना हुए हैं। पुलिस की सिक्योरिटी विंग और अतिरिक्त फोर्स अगले कुछ दिनों में रवाना हो जाएंगे। जम्मू मेें दरबार पांच नवंबर को खुलेगा
सुरक्षा बलोें के साथ दरबार मूव का रिकार्ड भी जम्मू के लिए रवाना कर दिया गया। हाईवे पर भी सुरक्षा बलों को मुस्तैद कर दिया गया है। हाईवे पर सभी संबंधित जिला अधिकारियों को दरबार मूव के काफिले के गुजरने के दौरान स्वयं सुरक्षा निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। जम्मू रवाना हुई कंपनियां सचिवालय के कर्मचारियों के क्वार्टरों और सचिवालय मेें तैनात होंगी। हाईवे के पास क्षेत्रों में रोड ओपनिंग टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है। इस बार आतंकी गतिविधियां बढ़ने, सीमा पर घुसपैठ और तनाव बढ़ने के कारण सुरक्षा बलों को विशेष तौर पर मुस्तैद किया गया है। एक महीने पहले से ही सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस की चौकसी बढ़ाई गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में आतंकियों द्वारा छिपकर हमला करने या विस्फोटक दबाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। सेना भी हाईवे पर अलर्ट रहेगी और ट्रैफिक आवाजाही में भी फेरबदल किया गया। जम्मू पहुंचने के साथ ही चार नवंबर से सभी ड्यूटी पर तैनात हो जाएंगे। इस बीच, जम्मू जोन के आईजीपी राजेश कुमार विशेष तौर पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे। आईजी के अनुसार सुरक्षा बल पूरी तरह से मुस्तैद हैं और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।