जम्मू। सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) की राज्य इकाई और अन्य ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एमएस लाइटन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से करवाए जा रहे चिनैनी-नाशरी टनल के निर्माण कार्य में कार्यरत श्रमिकों पर लाठीचार्ज कर कई कर्मचारियों को बेवजह निष्कासित किए जाने पर ऐतराज जताते हुए प्रदर्शन किया।
सीटू के वरिष्ठ नेता शाम प्रसाद केसर ने इस अवसर पर कहा कि श्रमिकों को बेवजह निष्कासित किया जा रहा है। उन्हें बिना मुआवजा जारी किए 12 घंटे प्रतिदिन काम करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय बेरोजगार युवाओं की भर्ती में अनदेखी और बातचीत के लिए यूनियन को मान्यता न देने पर भी सवाल उठाए। महासचिव ओम प्रकाश ने कहा कि श्रमिकों पर किए जा रहे अन्याय के मामले में हस्तक्षेप करने के बजाए रियासती सरकार का अभी तक रवैया कंपनी के हित में रहा है जो कई सवाल खड़े कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस अवसर पर कहा कि एमएस लाइटन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से करवाए जा रहे टनल के निर्माण कार्य में कार्यरत श्रमिकों का धरना एकदम जायज है। उन्होंने कहा कि लगभग सभी श्रमिक काम छोड़ हड़ताल पर रहे और उन पर लाठीचार्ज किया जाना और कई को घायल करना जोर जबरदस्ती है। इस अवसर पर इंटक के प्रधान शिव कुमार शर्मा, एआईटीयूसी के प्रधान एनके डोगरा, भारतीय मजदूर संघ के वरिष्ठ नेता हरबंस चौधरी, नार्थ जोन इंशोरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार गुप्ता, हरि सिंह व अन्य ने भी अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने सभी कर्मचारी और श्रमिक संगठनों से अपील की कि वह लाइटन कंपनी के खिलाफ चिनैनी नाशरी टनल के श्रमिकों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन दे।