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चुनौतियों से पार पाना नहीं होगा आसान

Jammu Updated Tue, 17 Dec 2013 05:46 AM IST
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जम्मू। कालेजों में ‘सेमेस्टर सिस्टम’ और ‘च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम’ लागू करने के लिए रियासती सरकार को कई चुनौतियों से पार पाना होगा। इसमें से कुछ चुनौतियां विश्वविद्यालयों से तो कुछ चुनौतियां उच्च शिक्षा विभाग के प्रबंधन से जुड़ी हैं। हालांकि अधिकांश विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षाशास्त्रियों ने कालेजों में सेमेस्टर आधार पर परीक्षाओं के आयोजन का स्वागत किया है।
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सरकार की मंशा है कि कालेजों में वार्षिक आधार पर होने वाली परीक्षा को सेमेस्टर आधार पर बदला जाए। यूजी स्तर पर देश भर के कई विश्वविद्यालय इस पैटर्न को अपना चुके हैं। वार्षिक आधार पर होने वाली परीक्षाओं में कई कमियां होती हैं। मिसाल के तौर पर कई ऐसे छात्र ऐसे होते हैं, जो केवल पास होने के लिए सेलेक्टिव प्रश्न याद करते हैं और जिस मकसद से पाठ्यक्रम बनाया गया होता है, वह पूरा नहीं होता, क्योंकि बाकी पाठ्यक्रम को ऐसे छात्र पढ़ते नहीं हैं। इसके अलावा और भी बहुत सी समस्याएं होती हैं। लेकिन जितना आसान सेमेस्टर आधार पर परीक्षाआें का आयोजन समझा जा रहा है, ऐसा भी नहीं है।
मिसाल के तौर पर अभी भी कालेजों में बड़ी संख्या में कांट्रेक्ट आधार पर शिक्षक लगाए जाते हैं। उनकी नियुक्ति पूरे साल बारह महीनों के लिए नहीं होती। दूसरा परिणामों में होने वाली देरी है। अभी तक विश्वविद्यालय ऐसा कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं कर सका है जिससे हर साल परिणाम निर्धारित समय पर निकाले जा सकें। तीसरा अंतर कालेजिए स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं जैसे डिस्प्ले योर टैलेंट, खेल प्रतियोगिताओं का आदि का आयोजन भी सेमेस्टर परीक्षाओं और पढ़ाई के साथ तालमेल बिठा कर करना पड़ेगा। इसके अलावा बड़ी अड़चन मौसम की भी है। कई कालेज ठंडे इलाकों में है जिनमें तीन से चार माह तक बर्फबारी के कारण भयंकर ठंड होती है तो वहीं जम्मू के मैदानी इलाकाें गर्मियों में बुरा हाल होता है। ऐसे में कालेजों में शिक्षकों के साथ साथ छात्रों को मूलभूत सुविधाओं को मुहैया करवाना किसी यक्ष प्रश्न से कम नहीं है। कुछ समय पहले जेयू में इस मुद्दे पर आयोजित होने वाली बैठक में कालेजों के प्रतिनिधियों ने भी इस दिशा में पेश आने वाली समस्याओं को जोर से उठाया था।
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गौरतलब है कि कालेजों में ‘सेमेस्टर सिस्टम’ और ‘च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम’ का तौर-तरीका तय करने सरकार ने जिस बारह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है उनमें सचिव उच्च शिक्षा, कश्मीर विश्वविद्यालय और जेयू के डीन अकादमिक अफेयर, डायरेक्टर कालेज डेवलपमेंट काउंसिल जेयू और केयू, नोडल प्रिंसिपल जीजीएम साइंस कालेज और प्रिंसिप एएस कालेज श्रीनगर, प्रिंसिपल एमएएम कालेज, प्रिंसिपल महिला कालेज परेड, प्रिंसिपल गवर्नमेंट डिग्री कालेज (लड़कों का) अनंतनाग, प्रिंसिपल गवर्नमेंट डिग्री कालेज (लड़कों का) बारामूला और प्रिंसिपल एसपी कालेज श्रीनगर परेड शामिल हैं।
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