जम्मू। सामाजिक कार्यकर्ता अशोक शर्मा की आरक्षण रूल के खिलाफ पेश की गई जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने बीओपीईई (बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन) के चेयरमैन को निजी तौर पर पेश होने के आदेश दिए। याचिका मेें जम्मू कश्मीर आरक्षण एक्ट के रूल-17 को चुनौती दी गई है।
न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह और न्यायाधीश मुज्जफर हुसैन अत्तार की खंडपीठ ने एडवोकेट कुलदीप सिंह परिहार और एडिशनल एडवोकेट जनरल गगन बसोत्रा की दलीलों पर पाया कि बीओपीईई की तरफ से कोर्ट में कोई भी पेश नहीं हुआ। चेयरमैन को 26 फरवरी को कोर्ट में पेश होना होगा और एडिशनल एडवोकेट जनरल गगन बसोत्रा को चेयरमैन को सूचना देने की जिम्मेदारी सौंपी। याचिका में दलील दी कि तय आरक्षण कोटे से अधिकार आरक्षण दिया गया है। अगर एक उम्मीदवार का ओपन कोटे से चयन किया गया। तो उसे उसी कोटे से सब्जेक्ट या कालेज मिलता है। ओपन कोटे से सीट हासिल होने के बाद उसे आरक्षित कोटे के कालेज और सब्जेक्ट प्रदान किया गया, जो कि गलत है और एक ओपन सीट खराब कर दी। जेएनएफ