जम्मू। उच्च शिक्षा मंत्री मोहम्मद अकबर लोन ने स्कूलों और कालेजों में रिक्त पदों को भरे जाने तक अंतरिम व्यवस्था के तहत अस्थायी नियुक्तियों को जरूरी बताया है। लोन ने विधान परिषद में शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्रालय पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कालेजों में 1800 पद रिक्त पड़े हुए हैं और स्कूलों में भी बड़ी संख्या में रिक्त पद हैं। उन्होंने कहा कि पीएससी और एसएसआरबी की तरफ से खाली पड़े पदों को भरे जाने तक अंतरिम व्यवस्था करना सरकार की मजबूरी भी है और जरूरत भी। उन्होंने कहा कि विभिन्न पार्टियों के एमएलसी की ओर से लेह और कारगिल में अपना तय समय पूरा कर चुके प्लस टू लेक्चररों को वापस बुलाए जाने की मांग पर कहा कि सदस्यों की चिंता पूरी तरह से जायज है और आज ही इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। नेकां के देवेंद्र सिंह राणा ने रमसा और एसएसए के तहत बनने वाली इमारतों के लिए अलग से बिल्डिंग कारपोरेशन होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा निदेशालय को दो हिस्सों में बांटने, एक अकादमिक और दूसरा निरीक्षण विंग बनाने पर जोर दिया। उन्होंने मुलाजिमों और अधिकारियों के बच्चों को दसवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का प्रावधान करने की जरूरत भी जताई। उन्होंने कहा कि अगर यह प्रावधान लागू हो गया तो सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता बढ़ जाएगी। नेकां सदस्य विजय बकाया ने स्कूलों में गुणवत्ता शिक्षा पर जोर दिया। कांग्रेस के नरेश कुमार गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्रों में कलस्टर विश्वविद्यालय बनाने की मांग की। पीडीपी सदस्य नईम अख्तर ने सरकारी स्कूलों में स्तर के गिरावट और निजी स्कूलों की तरफ लोगों के रुझान की तरफ ध्यान खींचा।