जम्मू। नेशनल मजदूर कांफ्रेंस ने केंद्र और राज्यों के कर्मचारियों के लिए एक साथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का प्रावधान किए जाने पर जोर दिया है। इसके पहले कांफ्रेंस ने रविवार को श्रमिक रैली निकाली।
रानी पार्क में कांफ्रेंस की श्रमिक रैली में प्रधान सुभाष शास्त्री ने सातवें वेतन आयोग के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस अशोक माथुर से आग्रह किया कि वह देश भर का दौरा करें और कर्मचारी प्रतिनिधियों के विचार जानेें ताकि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को तय समय पर केंद्र को सौंपा जा सके। शास्त्री ने कहा कि वह केंद्र सरकार को सिफारिश दिए जाने के बाद वित्तीय संकट का सामना करने वाली राज्यों सरकारों के लिए वित्तीय स्रोतों को उपलब्ध करवाने का भी प्रावधान करवाएं, जिससे केंद्र और राज्य सरकार के मुलाजिमों और पेंशनरों को एकसाथ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ पहुंच सके। उन्होंने पचास फीसदी डीए को मूल वेतन में जोड़ने और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने तक कर्मचारियों के हक में 20 फीसदी अंतरिम राहत जारी करने की भी मांग की।
उन्होंने रियासती सरकार से कर्मचारियों को जनवरी से देय दस फीसदी डीए किश्त जारी कराने की मांग भी की। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को समय पर वेतन जारी करने और उनके वेतन को कम से कम 10 हजार रुपये मासिक करने पर भी जोर दिया गया। वहीं, ग्रामीण विकास विभाग के 180 डेलीवेजरों को जल्द नियमित करने की मांग भी की। इस अवसर पर राजन बाबू खजूरिया, सुनील कोछड़, भूपेंद्र सिंह, सुभाष शर्मा, सुरेंद्र कुमार, सुखदेव सिंह आदि ने भी विचार रखे।